जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रभारी जिला जज योगेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सुलह समझौता प्राचीन परंपरा है। रामायण और महाभारत कॉल में भी युद्ध से पहले सुलह की बात हुई थी।
प्रभारी जिला जज योगेश चंद्र त्रिपाठी जिला जजी के सभाकक्ष में विधिक सेवा दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामला आने से पहले भी सुलह समझौते के लिए प्रयास किए जाते हैं ताकि न्यायालयों में मुकदमों की संख्या कम हो और समाज में भाईचारा बना रहे। स्पेशल जज पंकज कुमार उपाध्याय ने कहा कि निर्धन लोगों को भी निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सिविल जज सीनियर डिवीजन और विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि जनसामान्य को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए विधिक शिविर लगाए जाते हैं। जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धीरेंद्र मिश्र ने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर रहने वाले दबे कुचले लोगों को भी न्याय मिल रहा है।
इस मौके पर अपर जिला जज सत्यप्रकाश, एडीजे अहसान हुसैन, सीजेएम सुनील कुमार सिंह, एसीजेएम डीएन सिंह, सिविल जज असगर अली, संयुक्त बार के सचिव महेश शर्मा, लक्ष्मीकांत शर्मा, नरायनलाल शर्मा, मुस्तफा अली कादरी, प्रेमशंकर शर्मा, बाबू शाह व सियाराम वर्मा ने भी विचार व्यक्त किए हैं।