पूरनपुर। साथियों से बिछड़े जंगली हाथी ने बुधवार रात पूरनपुर नगर में जमकर उत्पात मचाया। सहकारी गन्ना समिति में चाय कैंटीन की झोंपड़ी गिरा दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के पास लगे रेन गेज की तारफेंसिंग क्षतिग्रस्त कर दी और खंड विकास कार्यालय परिसर में खड़ी कार को धक्का मारकर दीवार से सटा दिया। करीब चार घंटे तक हाथी नगर की सड़कों, कॉलोनियों और सरकारी कार्यालयों के आसपास घूमता रहा। इस दौरान सैकड़ों लोग हाथी को देखने के लिए जुट गए। पुलिस और वन विभाग की टीमों को भीड़ हटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
हाथी रात करीब 10 बजे नगर में घुसा था। विधायक के आवास वाली गली से होते हुए वह कोतवाली रोड, हरनरायनपुरम कॉलोनी और ब्लॉक रोड तक पहुंचा। इसके बाद सहकारी गन्ना समिति, कब्रिस्तान, खंड विकास कार्यालय और बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय परिसर के आसपास घूमता रहा। हाथी एसडीएम और सीओ आवास के सामने से भी दो बार निकला। हाथी की मौजूदगी की सूचना पर लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने एनाउंसमेंट कर लोगों को दूर रहने की चेतावनी दी, लेकिन भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं थी। कुछ लोगों ने शोर-शराबा किया और हाथी पर डंडे भी फेंके। कोतवाली रोड पर हाथी के पास से गुजर रहा बाइक सवार बाल-बाल बचा।
दो दिन से भटक रहा था हाथी, निगरानी में चूक पर उठे सवाल
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव विधिपुर के समीप दो दिन पहले तीन हाथी देखे गए थे। इनमें से दो हाथी जंगल की ओर चले गए, जबकि तीसरा अपने साथियों से बिछड़ गया। इसके बाद से वह माला रेंज के जंगल में भटक रहा था और साथियों की तलाश में बार-बार बाहर निकल रहा था। 27 अक्तूबर को हाथी खारजा नहर की पटरी पर माधोपुर के समीप पहुंचा था। उस समय शोर-शराबा होने पर वह वापस जंगल की ओर चला गया। इसके बावजूद हाथी की लगातार निगरानी नहीं हो सकी। 28 अक्तूबर की रात वह जंगल से निकलकर नगर में पहुंच गया। दो दिन से क्षेत्र में भटक रहे हाथी के आबादी तक पहुंचने से वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
रात दो बजे गांवों के रास्ते जंगल की ओर निकला
हाथी रात करीब दो बजे ब्लॉक रोड से निकलकर सिमरिया, लालपुर, उदयपुर खुर्द और बिलहरी होते हुए हरीपुर जंगल की ओर चला गया। जंगल तक उसके पैरों के निशान मिले हैं। नगर में हाथी के घुसने की सूचना पर सामाजिक वानिकी के अलावा पीलीभीत और बीसलपुर रेंज की टीमें भी पहुंच गई थीं। एसडीओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर रखती रही। पुलिस को भी भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
साथियों से मिलने के लिए निकला था हाथी
सामाजिक वानिकी के रेंजर सोवरन लाल ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे हाथी के नगर में पहुंचने की सूचना मिली थी। रात करीब दो बजे वह ब्लॉक कार्यालय की ओर से निकलकर गांवों के रास्ते हरीपुर जंगल पहुंच गया। हाथी के भीरा रेंज की ओर जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि हाथी अपने दो साथियों से बिछड़ने के बाद उनसे मिलने के लिए जंगल से बाहर निकला था। डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि हाथी की निगरानी जारी है। टीमों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
हाथी के रात में कब्रिस्तान में पहुंचने की जानकारी पर बृहस्पतिवार सुबह सहकारी गन्ना समिति से कब्
हाथी के रात में कब्रिस्तान में पहुंचने की जानकारी पर बृहस्पतिवार सुबह सहकारी गन्ना समिति से कब्
हाथी के रात में कब्रिस्तान में पहुंचने की जानकारी पर बृहस्पतिवार सुबह सहकारी गन्ना समिति से कब्