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मानदेय कटौती समेत अन्य मांगों पर 102 एंबुलेंस सेवाएं ठप, मरीज परेशान

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पीलीभीत। मानदेय में कटौती करने और ओवरटाइम का भुगतान न करने समेत कई मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल शुरू हो गई। कर्मचारी का इंतजाम करने वाली कंपनी की मनमानी को लेकर प्रदेश पदाधिकारियों के निर्णय के बाद 102 एंबुलेंस की सेवा को बंद कर दी गई। स्टाफ ने एंबुलेंस को जिला अस्पताल में खड़ा कर दिया और हड़ताल में शामिल हो गए। एंबुलेंस बंद होने से प्रसूताओं को लाने और ले जाने में की समस्या गहरा गई है। मरीजों को इधर-उधर ले जाने के लिए प्राइवेट एंबुलेंस करनी पड़ीं।
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बीते कई माह से एंबुलेंस कर्मियों की कंपनी के लोगों के साथ तनातनी चल रही है। कर्मचारी श्रम विभाग के अनुसार हुए समझौते के आधार पर मानदेय देने की मांग कर रहे हैं। इनका आरोप है कि कंपनी ने फर्जी बिल लगाकर शासन से भुगतान भी ले लिया और उसमें कटौती कर उसे कर्मियों को भुगतान किया जा रहा है। इसे लेकर एंबुलेंस संघ के पदाधिकारी लखनऊ में हड़ताल पर हैं। प्रदेश पदाधिकारियों के निर्देश पर यहां भी कर्मियों ने एंबुलेंस सेवा बंद कर दी। एंबुलेंस अस्पताल में आकर खड़ी हो गईं। यहां के कर्मचारी भी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ हड़ताल में शामिल हो गए। जनपद में 102 एंबुलेंस की संख्या 26 है। इससे ही अब तक प्रसूताओं को अस्पताल लाया जा रहा था। प्रसव के बाद उन्हें घर भी भेजने की जिम्मेदारी एंबुलेंस की ही होती है। गाड़ियों का संचालन बंद होने से मरीजों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी भगवती प्रसाद ने बताया कि 102 एंबुलेंस की सेवा ठप है। इसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है।
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