पीलीभीत। एक रक्तदान, बचाए चार की जान। इस बात को चरितार्थ करने के लिए कोरोना काल में आपके पास फिर एक मौका आया है। आप रक्तदान करके दूसरों की जिंदगी बचा सकते हैं। एक जरूरतमंद परिवार की खुशियां लौटा सकते हैं। तो फिर आइए-जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में। खुले मन से रक्तदान कीजिए। किसी तरह के संकोच या डर की जरूरत नहीं है।
अक्सर दुर्लभ ब्लड ग्रुप की किल्लत कई बार जरूरतमंदों को लाचार बना देती है। तीमारदार अपने मरीज को ठीक कराने में खून की कमी को पूरा करने के लिए भटकते रहते हैं। मगर, कई बार उन्हें जरूरत भर का ब्लड नहीं मिल पाता है। इस कमी को पूरा करने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आज सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। आप यहां तय समय पर आकर स्वेच्छा से रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान करने वाले महादानियों को अमर उजाला की ओर से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। कोरोना काल में रक्तदान सामान्य दिनों की तुलना में दूसरों की जिंदगियां बचाने के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है। अमर उजाला की ओर से शहर के आम नागरिक, समाजसेवी, व्यापारी, अफसर, कर्मचारी समेत सबसे अपील है कि अगर आप स्वस्थ हैं और रक्तदान किए हुए तीन महीने से अधिक समय हो गया है तो वह शिविर में आकर स्वयं के महादानी बनने का मौका हाथ से न जाने दें। रक्तदान करके दूसरों की जिंदगी बचाएं।
यह लोग कर सकते हैं रक्तदान
18 से 60 वर्ष तक के स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकते हैं।
आपका हीमोग्लोबिन 12. 5 ग्राम प्रतिशत से अधिक होना चाहिए।
रक्तदाता का वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो।
रक्तदाता को रक्तदान किए हुए तीन महीने से अधिक समय हो चुका हो।
रक्तदान करने से शरीर रहता है स्वस्थ
18 से 60 वर्ष का कोई भी स्वस्थ्य व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। अक्सर लोग भ्रांतियों के कारण खून देने से कतराते हैं। जबकि रक्तदान करने से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती, बल्कि शरीर अधिक स्वस्थ रहता है। तीन माह के अंतराल पर पुन: रक्तदान किया जा सकता है। - डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, वरिष्ठ चिकित्सक