पीलीभीत। जिले में धान खरीद शुरू होने को एक माह से अधिक समय बीत गया लेकिन राइस मिलों से संबद्धीकरण अब तक नहीं हो सका है। इस वजह से केंद्रों पर खरीदे गए धान का उठान अटक गया है। शहर के मंडी समिति परिसर में नोडल एजेंसी आरएफसी सहित सभी एजेंसियों के क्रय केंद्रों के टिनशेड भर चुके हैं। सामने की सड़क पर भी धान के बोरों के ढेर लगे हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। सप्ताह भर तक धान नहीं तुलने से किसान परेशान हैं।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में एक अक्तूबर से जिले में धान खरीद शुरू हुई थी। एक माह से ज्यादा समय भी बीत चुका है। अब तक धान के उठान के लिए राइस मिलों का संबद्धीकरण नहीं हो पाया। स्थानीय मंडी के यूपीएसएस, पीसीयू, पीसीएफ, मंडी और आरएफसी सहित 38 क्रय केंद्रों पर अब तक करीब 40 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। उठान नहीं होने से मंडी के सभी क्रय केंद्रों के टिनशेड में धान रखने की जगह नहीं बची है। सामने की सड़क पर भी धान का भंडारण किया गया है। इसे बचानेे में भी मशक्कत करनी पड़ रही है।
कई केंद्र्रों पर तौल ठप, धान की रखवाली कर रहे किसान
भंडारण की जगह न होने से कुछ दिनों से एजेंसियों ने अपने केंद्रों पर धान की तौल बंद कर दी है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। धान लेकर पहुंचे कई किसान चार से पांच दिन बाद भी केंद्रों के बाहर ही रात गुजार रहे हैं। छुट्टा जानवरों और बंदराें से धान बचाने में किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
एफआरके का भी अब तक नहीं हुआ टेंडर
धान खरीद शुरू होने के बाद अब तक एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) का टेंडर नहीं हुआ है। हालांकि राइस मिल के संबद्धीकरण के बाद एफआरके की राइस मिलर्स को जरूरत पड़ेगी। एक क्विंटल चावल में एक किलो एफआरके मिलने के बाद वह चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए तैयार हो जाता है। इसको मिड डे मील, आंगनबाड़ी केंद्र, राशन की दुकान आदि में एफसीआई से बांटा जाता है।
राइस मिलों के संबद्धीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी सप्ताह पूूरा कर उठान शुरू करा दिया जाएगा। एफआरके की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। - विजय शुक्ला, डिप्टी आरएमओ