गजरौला। अभी कलीनगर तहसील क्षेत्र में घूम रहे बाघ की दहशत लोग भूले भी नहीं थे कि रविवार सुबह गजरौला क्षेत्र में एक अन्य बाघ ने दस्तक दे डाली। बाघ को गांव के आसपास घूमता देख ग्रामीणों में डर का माहौल है। वहीं गन्ना कटाई करने वाले मजदूर बिना कटाई किए घरों को वापस लौट गए।
क्षेत्र के गांव लालपुर के समीप पुलिया के पास रविवार सुबह करीब छह बजे कुछ राहगीर खेतों की ओर जा रहे थे। इस दौरान उनकी निगाह गन्ने के खेत में घूम रहे बाघ पर पड़ी। बाघ देख राहगीरों ने शोर-शराबा करते हुए भाग खड़े हुए। आबादी में बाघ आने की जानकारी लगने पर लालपुर और ग्रांट नंबर दो उर्फ विशनपुर के कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के मुताबिक बाघ गांव लालपुर निवासी नत्थू लाल वर्मा के खेत में बैठा हुआ है। गांव के रामवीर वर्मा के खेत में गन्ने की कटाई चल रही थी। बाघ के डर से मजदूरों ने गन्ने की कटाई नहीं की और घरों को वापस लौट गए। ग्रामीणों ने बाघ होने सूचना वनकर्मियों को दी। बताते हैं वनकर्मियों की टीम काफी देर बाद मौके पर पहुंची। लालपुर बीट के जगदीश, कालीचरण, गढ़ा बीट के संजीव कुमार और राजाराम मौके पर पहुंचे। मौके पर किसी वन अफसर के न पहुंचने पर ग्रामीणों में खासा रोष देखा गया। हालांकि वन विभाग की टीम ने खेत में बाघ होने की बात से इनकार किया है। माला रेंज की गढ़ा बीट के वन दरोगा रामभरत यादव ने बताया कि लालपुर के पास में बाघ होने की सूचना मिली थी। वनकर्मियों को भेजा गया था बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। फिलहाल बाघ के शिवनगर से बानगंज की ओर से निकल गया।