पीलीभीत। बिजली बिल जमा करने के लिए अब उपभोक्ताओं को ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहीं कॉरपोरेशन को बकायेदारी बढ़ने के झंझट से छुटकारा भी मिल जाएगा। इस उद्देश्य से अब पावर कॉरपोरेशन की ओर से नई पहल की गई है। अब मीटर की रीडिंग करने घर आए कर्मचारी को उसी वक्त बिल भुगतान उपभोक्ता कर सकते हैं। भुगतान की मैनुअल रसीद मौके पर ही मिल जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में अभी सिर्फ पीलीभीत के शहरी इलाके से इसकी शुरूआत की गई है। अगर इसके परिणाम बेहतर आए तो इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।
बिजली बिल जमा करने को लेकर अक्सर सब स्टेशनों पर भीड़ लगी रहती है। उपभोक्ता चक्कर लगाकर परेशान होते हैं। कभी भीड़ की वजह से बिना बिल जमा किए वापस होना पड़ता है, तो कभी कर्मचारी समय से नहीं मिल पाते थे। इस तरह की तमाम दिक्कतें बनी रहती थी। ऐसे में कई बार बिल समय से जमा नहीं हो पाता। इससे बकायेदारी भी बढ़ती चली जाती है। इन दोनों समस्याओं का समाधान करने के लिए पावर कॉरपोरेशन की ओर से एक नई पहल की गई है। एक प्रयोग के तौर पर अभी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से पीलीभीत शहर को इसके लिए चुना गया है। शहरी इलाके में 38 हजार उपभोक्ता हैं। इनका बिल घर तक पहुंचाने के लिए 17 मीटर रीडर काम कर रहे हैं। अभी तक मीडर रीडर बिल दे जाता था, फिर बाद में बिल जमा करने के लिए उपभोक्ता जाते थे। मगर अब शहरी इलाके के 38 हजार उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जब कर्मचारी बिल देने आएंगे, उसी वक्त उपभोक्ता अपने बिल का भुगतान कर सकेंगे।
अधिशासी अभियंता असीम कुमार ने बताया कि अभी शहरी क्षेत्र में शुरूआत कराई गई है। चार उपभोक्ताओं के बिल इसी तरह से जमा भी कराए गए हैं। कोई दिक्कत नहीं आ रही है। मीटर रीडरों के मोबाइल में इससे जुड़े एप भी लोड करा दिए गए गए हैं।