डीपीआरओ कार्यालय में संबद्ध लिपिक को आखिरकार हटाना ही पड़ा। डीएम के आदेश को दरकिनार करने के बाद डीडी पंचायती राज ने दो दिन में बाबू को न हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इस पर डीपीआरओ ने बृहस्पतिवार को बाबू को रिलीव कर दिया।
जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में विकास विभाग के तीन लिपिक संबद्ध हैं। इसमें से एक लिपिक रसकेंद्र सक्सेना की शिकायत मिलने पर करीब 15 दिन पूर्व डीएम ने डीपीआरओ को अपने कार्यालय में तलब कर लिपिक को तुरंत हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन डीपीआरओ ने डीएम के आदेशों को हवा में उड़ा दिए। इसके कुछ दिनों बाद पंचायती राज विभाग के उपनिदेशक कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे और उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबद्ध चल रहे तीनों लिपिकों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए साथ ही लिपिकों को न हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। डीडी की फटकार के बाद डीपीआरओ को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। बृहस्पतिवार को उन्होंने लिपिक रसकेंद्र सक्सेना को रिलीव कर दिया। इस बावत पूछने पर उन्होंने बताया कि लिपिक को हटाने की कार्रवाई चल रही थी प्रक्रिया पूरी होने पर रसकेंद्र सक्सेना को हटा दिया गया है। शेष दो लिपिकों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। संबद्ध लिपिकों के हटने से विभाग में तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं।