पूरनपुर (पीलीभीत)। एचपीसीएल के सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा शुरू से ही मेधावी रहे। हाईस्कूल की गणित की परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए। बीटेक कानपुर से करने के बाद एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में नौकरी मिलने पर कई प्रदेशों में उनकी तैनाती रही। इस बीच वह यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) के इंटरव्यू तक में दो बार शामिल हुए थे। करीब डेढ़ साल पहले बदायूं के सैजनी स्थित एचपीसीएल के बायोगैस प्लांट में उनकी तैनाती हुई थी। दहशत के चलते तैनाती के कुछ दिन बाद से ही बरेली के सिविल लाइंस में किराए के घर में परिवार सहित रहते थे और सैजनी प्रतिदिन आते-जाते थे।
मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी सुशील मिश्रा और रानी मिश्रा के दो पुत्रों मेंं बड़े हर्षित मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा मोहल्ले के आनंद आश्रम स्कूल में हुई। कक्षा एक से पांच तक की शिक्षा मोहल्ला हबीबगंज के प्राइमरी स्कूल में पूरी की। कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक नगर के सरस्वती विद्या मंदिर से शिक्षा ली। वर्ष 2007 में हाईस्कूल में उन्होंने कॉलेज में टॉप किया। इंटरमीडिएट के बाद लखीमपुर से पॉलिटेक्निक किया। इसके बाद कानपुर के एचबीटीआई से बीटेक किया।
हर्षित मिश्रा के पिता ने बताया कि हर्षित ने यूपीएससी की भी परीक्षा दी थी। वह दो बार इंटरव्यू तक पहुंचे। इसके बाद एचपीसीएल में बिहार सहित कई प्रदेशों में रहकर नौकरी की।
चीनी मिल में कर्मचारी थे हर्षित के पिता
हर्षित के पिता सुशील मिश्रा पूरनपुर चीनी मिल में कर्मचारी थे। गत वर्ष 30 नवंबर को ही वह सेवानिवृत हुए। इसके बाद हर्षित के पिता और मां दोनों लोग बरेली उनके साथ रहने लगे। होली पर परिवार के साथ हर्षित घर पूरनपुर आए थे। होली के अवकाश के बाद हर्षित तो ड्यूटी पर चले गए। उनका परिवार अपने घर में रहा। हर्षित का छोटा भाई वैभव भी शुरू से होनहार रहा है। वैभव की एक कंपनी में जयपुर में तैनाती चल रही है।