पीलीभीत। जागरूकता से पोलियो मरीजों की संख्या में कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग जांच, निगरानी और टीकाकरण सत्र के आयोजन पर जोर दे रहा है। यही वजह रही कि आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में अब तक जिले में कुल 96 एएफपी (एक्यूट फ्लेसिड पैरालिसिस) के मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 58 कम रहे हैं। वहीं, 3.5 लाख बच्चों को पोलियो की दो बूंद मिली है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के सभी ब्लॉक में अधिकांश मामलों में सैंपल 14 दिनों के भीतर एकत्र किए जा रहे हैं। इसका औसत 96 प्रतिशत रहा है। वहीं मामलों की सूचना 10 दिन के भीतर देने की दर 98 प्रतिशत और जांच 48 घंटे के भीतर होने की दर 83 प्रतिशत दर्ज की गई है। आकांक्षी ब्लॉक पूरनपुर व बीसलपुर में डब्ल्यूएचओ के सहयोग से निगरानी पर जोर दिया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि पोलियो मुक्त भारत का लक्ष्य बनाए रखने के लिए जिले में नियमित रूप से निगरानी, सैंपल जांच और टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। वर्ष 2024 में 156 पोलियो के मामले दर्ज किए गए थे।
जबकि इस बार यह आंकड़ा 96 रहा है। आमजन से अपील है कि पांच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों को पोलियो की प्रत्येक खुराक अवश्य दिलाएं, ताकि जिला पूर्ण रूप से पोलियो मुक्त बना रहे।