पीलीभीत। प्रधान के अधिकार सीज होने के बाद एडीओ पंचायत को प्रशासक का दायित्व दिया गया। प्रशासक बनने के बाद एडीओ पंचायत ने बिना काम कराए ही करीब पांच लाख रुपये का भुगतान कर लिया। पूरे मामले की जानकारी होने पर ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
बरखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत विक्रमपुर के ग्रामीण शोहदर मदार व चिंतामणि ने डीएम आलोक कुमार से प्रधान की ओर से किए गए घपलेबाजी की शिकायत की। इसके बाद तत्कालीन डीएम स्तर से हुई जांच में दोषी पाए जाने पर उनके अधिकार सीज कर दिए गए।
ग्राम पंचायत का विकास कार्य प्रभावित न हो। इसके लिए प्रशासक की जिम्मेदारी बरखेड़ा एडीओ पंचायत को दे दी गई। जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने विकास कार्य कराए ही पंचायत निधि के खाते से करीब पांच लाख रुपये का भुगतान कर लिया। जानकारी के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की शिकायत डीएम से की। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने पूरे मामले की जांच के आदेश डीपीआरओ रोहित भारती को दिए है। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से शिकायत की गई है। इसमें नोटिस जारी कर साक्ष्य मांगे गए हैं।