पीलीभीत। लंबे समय से अनधिकृत रूप से गैर हाजिर चल रहे 24 सरकारी डॉक्टरों पर प्रशासन ने सख्ती की है। डीएम ने मामला संज्ञान में आने पर प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र भेजा है। डॉक्टरों की सूची और गैरहाजिर रहने की अवधि का विवरण देते हुए सभी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
जनपद की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कई बार डॉक्टरों की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी स्वास्थ्य सुविधाओं में दिक्कत बनती है। आम नागरिकों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता है। मजबूरन उन्हें निजी अस्पताल या फिर महंगा इलाज कराना पड़ता है।
डीएम पुलकित खरे ने इस समस्या का संज्ञान लिया। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल से मामले की जानकारी जुटाई गई। इसमें सीएमओ की ओर से 24 डॉक्टरों की सूची डीएम को भेजी गई, जिसमें 13 डॉक्टर ऐसे थे जिन्होंने त्यागपत्र दिया था, मगर वह स्वीकार नहीं हुआ। ऐसे में उन्हें सेवाओं में वापस आना चाहिए था। वह 2010 से लेकर 2019 तक गैरहाजिर चल रहे बताए गए हैं। इसके अलावा पांच डॉक्टर अनधिकृत रूप से गैर हाजिर हैं। इन्हें भी ड्यूटी पर न आए कई साल हो चुके हैं। इसके अलावा छह अन्य डॉक्टर भी अवैतनिक परास्नातक के लिए गए थे और अब तक नहीं लौटे हैं। सूची का संज्ञान लेते हुए अब डीएम ने शासन स्तर पर इनके खिलाफ कार्रवाई को पत्र भेजा है।
ये हैं 24 सरकारी डॉक्टर
डॉ. राकेश कुमार वर्मा, डॉ. अमित श्रीवास्तव, डॉ.आशुतोष गंगवार, डॉ.अंशुल जैन, डॉ.मोहम्म्द फैजान खां, डॉ.राजीव कुमार, डॉ.सुखदेव सिंह, डॉ.सरजू प्रसाद, डॉ.सुरेश पाल सिंह, डॉ.मोहित शर्मा, डॉ.अरिता सक्सेना, डॉ.साबिक रशीद, डॉ.साकेत अग्रवाल, डॉ.साजिया हसीब, डॉ.कुमार धर्मेंद्र, डॉ.उत्सव सिंघल, डॉ.मोहम्मद राशिद, डॉ.रनजीत सिंह, डॉ.राजेश कुमार शाक्य, डॉ.अभिनव कुमार पांडेय, डॉ.मोहम्मद रफीक, डॉ.अभिषेक सक्सेना।
लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे 24 सरकारी डॉक्टरों की सूची सीएमओ से प्राप्त हुई है। इन पर कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर पत्र लिखा गया है। यह सभी अनधिकृत रूप से गैरहाजिर हैं।
- पुलकित खरे, डीएम