पीलीभीत। जिला महिला अस्पताल के प्रबंधन की लापरवाही से हुई गर्भवती की मौत के मामले में एक साल बाद कार्रवाई हुई है। विशेष सचिव ने दो स्टाफ नर्स व वार्ड आया को दोषी मानते हुए वसूली के आदेश दिए हैं। महानिदेशक स्वास्थ्य का आदेश मिलने के बाद सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य को पत्र लिखा है।
पांच मई 2024 की रात छेदालाल अपनी गर्भवती पत्नी पूनम को लेकर जिला महिला अस्पताल आए थे। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीज को भर्ती करने के बजाय अन्य जगह ले जाने की बात कही। प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए रुपये न होने पर छेदालाल पत्नी पूनम को घर ले आया। जहां उसकी मौत हो गई।
मामले में मृतका के पति ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की। आयोग की ओर से जांच डीएम को सौंपी गई। जांच में स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। चार जून को विशेष सचिव अनिल कुमार सिंह ने महानिदेशक चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाएं को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
पत्र प्राप्त होने के बाद सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने दो स्टाफ नर्स दिव्या उपरेती, राखी लाल व वार्ड आया प्रज्ञा से 2.50 लाख रुपये वसूली के आदेश दिए हैं। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि कार्रवाई के संबंध में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को पत्र भेजा जा चुका है।