पीलीभीत। करेली और दियोरियाकलां गोशाला में निर्माण कार्य के दौरान पर्यवेक्षण की कमी पाए जाने पर बीडीओ बिलसंडा को डीएम ने प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी है। बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही गोशाला निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था से भी जवाब तलब किया गया है। गोशाला की कमियों के सुधार के भी निर्देश दिए गए हैं।
एक दिन पूर्व जनपद की छह गोशालाओं का स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अफसरों ने एक साथ उद्घाटन किया था। 200 पशुओं की क्षमता वाली बिलसंडा ब्लॉक की करेली गोशाला और दियोरियाकलां गोशाला में उद्घाटन के दौरान कुछ कमियां निकल आई थीं। करेली की गोशाला में भूसा कक्ष का विस्तार नहीं था। वहां बिजली का भी कोई इंतजाम नहीं था। निर्माण में भी कुछ कमियां मिलीं। उद्घाटन के बाद डीएम ने इन कमियों पर सख्त रुख अपनाया है।
डीएम पुलकित खरे ने बताया कि बीडीओ बिलसंडा पीएन द्विवेदी ने गोशाला के पर्यवेक्षण में कमी बरती। उद्घाटन के दिन तक न तो कमियों का सुधार कराया गया, न ही संबंधित अधिकारियों को बताया। यह किसी लापरवाही से कम नहीं है। इसलिए बीडीओ बिलसंडा को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। दोनों गोशालाओं में भूसा कक्ष का विस्तार करने और बिजली की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यदायी संस्था से भी जवाब तलब किया गया है। अमर उजाला ने भी 13 अगस्त को पेज नंबर दो पर समाचार प्रकाशित कर करेली गोशाला के निर्माण में खामियों और अव्यवस्थाओं का मामला उठाया था। उसमें यह बताया गया था कि 1.20 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी गोशाला में मात्र चार टीन शेड, गोदाम और बाउंड्रीवाल बनाई गई। बाकी रकम घोटालेबाजों के बीच कमीशन की भेंट चढ़ गई।