माधोटांडा। ट्रांस शारदा क्षेत्र में वन भूमि पर जुताई कर अवैध कब्जे का मामला सुर्खियों में आने के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन भी सख्त हुआ है। क्षेत्रीय वन दरोगा की ओर से सात कब्जेदारों के खिलाफ माधोटांडा थाने में नामजद तहरीर दी गई है। वहीं डिप्टी डायरेक्टर ने विभागीय जांच शुरू कराने की बात कही है। तहरीर की भनक लगते ही कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शारदा नदी के पार ढकिया ताल्लुके महाराजपुर और रमनगरा गांव की सीमा में कुछ लोग टाइगर रिजर्व की आरक्षित वन भूमि पर कब्जे की कोशिश कर रहे हैं। ट्रैक्टर द्वारा हैरों से दिन रात जुताई कर इस काम को अंजाम दिया जा रहा था। जिम्मेदारों से साठगांठ के बाद कब्जेदार जमीन पर खड़ी जंगल-झाड़ी की जुताई कर गेहूं की बुवाई करने की बात कहते दिखे। बुवाई के बाद सीमांकन का मन बनाया था। इस मामले को अमर उजाला ने 16 दिसंबर के अंक में ‘टाइगर रिजर्व क्षेत्र: जंगल की जमीन पर कब्जे का खेल शुरू’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। उधर, मामला सुर्खियों में आते ही बराही रेंज प्रशासन हरकत में आ गया।
बराही रेंज के प्रभारी प्रशिक्षु डीएफओ विकास नायक के आदेश पर क्षेत्रीय वन दरोगा रामबहादुर ने थाना माधोटांडा में वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर में कहा गया है कि मुखबिर द्वारा सूचना मिली है कि रात को कुछ लोग आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास कर रहे हैं। इस पर 15 दिसंबर की सुबह वन दरोगा रघुवीर सिंह रावत, वनकर्मी नोखेलाल के साथ मौके पर पहुंचे तो देखा कि सुभाष, नंदू निवासी ग्राम रमनगरा, महादेव, सूरज, उद्धव, आनंद और विश्व निवासी ढकिया तालुके महाराजपुर आरक्षित वन भूमि पर अपने ट्रैक्टरों में हैरों को जोड़कर जुताई कर रहे थे।
टॉर्च की रोशनी डालकर आरोपियों को पूरी तरह से पहचान लिया गया है। हालांकि टीम को देखकर सभी भाग निकले। कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 26 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया। इंस्पेक्टर रामसेवक सिंह ने बताया कि वन दरोगा की ओर से तहरीर मिली है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग को भी विभागीय केस दर्ज करने चाहिए।
बराही रेंज में आरक्षित वन भूमि पर कब्जे की जानकारी है। आरोपियों के खिलाफ विभाग्ीाय केस काटे जा रहे हैं। मामले की जांच भी कराई जाएगी। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व