पीलीभीत। लोकसभा चुनाव में पोलिंग पार्टियों और पुलिस बल को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए वाहनों का अधिग्रहण सोमवार से शुरू हो गया। छोटे वाहनों को कलक्ट्रेट और पुलिस लाइन में खड़ा कराया जा रहा है। वाहनों के अधिग्रहण से यात्रियों की मुश्किलें बढेंगी।
लोकसभा चुनाव को लेकर 921 वाहनों का अधिग्रहण किया जाना है। सेक्टर मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक, जोनल मजिस्ट्रेट, उड़न दस्ता, स्टेटिक व सर्विलांस टीम के लिए 280 हल्के वाहन लगाए गए हैं तो पुलिस विभाग के प्रयोग के लिए 305 हल्के वाहनों का अधिग्रहण किया गया है।
वहीं पोलिंग पार्टियों के परिवहन के लिए विधानसभा क्षेत्रवार 354 वाहनों को प्रयोग किया जाएगा। इनमें 18 वाहन आरक्षित रखे गए हैं। इसी क्रम में हल्के वाहनों को सोमवार को पुलिस लाइन व कलक्ट्रेट में खड़ा करा दिया गया। जिससे दोपहर बाद से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में समस्याएं होने लगी। देर शाम मां पूर्णागिरि के यात्रा से आने वाले यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसके बाद लोग जैसे तैसे अपने घरों को पहुंचे।
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21 अप्रैल को यहां से जाएंगी बसें
एआरएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यहां का चुनाव कराने के लिए बाहर से बसें फोर्स लेकर आई हैं। अभी यहां की बसों का संचालन यथावत रहेगा। 21 अप्रैल के बाद यहां से करीब 36 बसों काे चुनाव ड्यूटी के लिए भेजा जाएगा। सवारियों को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
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आज 12 बजे तक जमा नहीं किए वाहन तो होगी एफआईआर
पीलीभीत। जिन वाहन स्वामियों को गांधी सभागार, कलक्ट्रेट परिसर और पुलिस लाइन में वाहन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे, यदि वह अपने वाहनों को मंगलवार दोपहर 12 बजे तक नहीं लाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एआरटीओ वीरेेंद्र सिंह ने बताया ऐसे लोगों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 167 के अधीन रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। संवाद