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Pilibhit News: मरीज का मौत के बाद भी इलाज करने का आरोप, होगी जांच

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पीलीभीत। मरीज की मौत के बाद भी इलाज के आरोप ने निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के शांत हो जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। सीएमओ ने जांच के लिए चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।
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मामला शहर के गौहनिया रेलवे क्राॅसिंग के पास स्थित एक निजी अस्पताल का है। मंगलवार शाम युवक की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। आरोप लगाया था कि चार दिन तक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मरीज को देखने नहीं दिया। आईसीयू में उपचार करने के नाम पर तीन लाख रुपये जमा करा लिए गए। मंगलवार शाम जब रेफर करने के नाम पर मरीज को आईसीयू से बाहर निकाला गया तो वह मृत था।
घंटों चली बातचीत के बाद समझौते की चर्चा शुरू हुई। परिजनों की ओर से कार्रवाई के लिए कोई शिकायती पत्र पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को नहीं दिया गया। मगर इस मामले में लगे गंभीर आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर सजग हुए।
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सीएमओ ने मामले का संज्ञान लिया और जांच के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम को पूरे मामले की जांच करने के लिए कहा है। टीम में न्यूरो सर्जन डॉ. अमित कोहली, ऑर्थोपेडिक डॉक्टर संजीव सक्सेना व एनेस्थीसिया चिकित्सक आरएस गंगवार को शामिल किया गया है। टीम पूरे मामले की पड़ताल करेगी। पीड़ित पक्ष के बयान लेने के साथ ही अन्य सभी बिंदुओं को परखेगी।


विसरा किया गया सुरक्षित
युवक की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद विसरा सुरक्षित किया गया है। पुलिस का कहना है कि उसे परीक्षण के लिए लैब भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत स्वाभाविक थी या किसी लापरवाही से हुई।



मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया है। मामले का स्वत: संज्ञान लेकर जांच कमेटी बनाई गई है। पूरे मामले की सच्चाई जानने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद आगे की प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा।
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- डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ
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