पीलीभीत। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगलदेव सिंह ने मारपीट के मुकदमे में फैसला सुनाया है। साक्ष्य के अभाव में आरोप सिद्ध न होने पर आरोपी को बरी करने का आदेश दिया।
अभियोजन के मुताबिक थाना पूरनपुर के गांव चांट फिरोजपुर निवासी प्रेमवती ने करीब 15 वर्ष पहले पुलिस को तहरीर देकर बताया था उसका देवर माखन लाल शराब पीने का आदी है। वह शराब पीकर उसके साथ गाली-गलौज करता है। 17 मार्च 2010 को माखन लाल ने उसके और उसके पुत्र राम प्रवेश के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करते हुए आरोपों को निराधार पाकर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।