शहर के असम चौराहे पर बस न मिलने पर सवारी वाहन में बैठते यात्री। संवाद
- फोटो : -टूंडला क्षेत्र के जरौली कलां में अमोनियम सल्फेट के पकड़े गए ट्रक की जांच करते जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान। स्रोत स्वयं
पीलीभीत। होली मनाने घर आ रहे दिल्ली, जयपुर, सोनीपत, लखनऊ, रुद्रपुर आदि शहरों में काम करने वालों को सवारी वाहनों की तलाश में भटकना पड़ रहा है। लंबी दूरी मार्ग पर संचालित रोडवेज की बसों से सफर कर काफी संख्या में नौकरीपेशा और कामगार शनिवार को जिला मुख्यालय तो आसानी से आ गए। मगर, स्थानीय मार्गों पर रोडवेज बसें कागजों पर ही फर्राटा भरती रहीं। यात्रियों को खतरे के बीच डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा। चालकों ने क्षमता से अधिक यात्री बैठाए और मनमाना किराया भी वसूला।
शनिवार की दोपहर करीब एक बजे असम चौराहे पर पूरनपुर की ओर जाने के लिए कोई भी रोडवेज बस नहीं थी। कई यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। कुछ यात्रियों ने सवारी वाहन (मैजिक व टेंपो) का सहारा लिया। चालकों ने यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया और सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर फर्राटा भरा। टनकपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को नौगवां चौराहे से रोडवेज बसों के सफर की सुविधा मिली। एआरएम विपुल पाराशर ने बताया कि होली पर्व को लेकर स्थानीय मार्गों पर बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। दोपहर व शाम के समय बसें क्यों नहीं थीं, पता कराएंगे।