लिटिल एंजिल्स स्कूल में चल रही शिक्षकों की तीन दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। प्रशिक्षकों द्वारा शिक्षकों को रोचक एक्टीविटीज के जरिए शिक्षण कार्य करने की सलाह दी गई।
विद्यालय में 30 जून से तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू की गई थी, जिसमें इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चर हैरीटेज ग्वालियर की टीम द्वारा शिक्षकों को बेहतर पठन पाठन के तौर तरीके बताए गए। कार्यशाला के पहले दिन प्रशिक्षक विकास सिंह ने विद्यार्थियों की योग्यता पहचानने का गुण सिखाया। दूसरे दिन प्रशिक्षक कमाक्षी माहेश्वरी ने शिक्षकों को अपने डेली लेसन प्लान को कक्षा में मौजूद विद्यार्थियों की मनोदशा तथा उनकी आईक्यू को देखते हुए तैयार करने को प्रेरित किया। उधर, शनिवार को अंतिम दिन मनोवैज्ञानिक राहुल कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि विद्यार्थियों को न केवल एक नजर से परखा जाए, बल्कि उनमें विभिन्न योग्यताओं की खोजकर उन्हें आगे बढ़ाने का मनोबल बढ़ाया जाए ताकि वे भविष्य में एक मजबूत स्थान प्राप्त कर सकें। बताया कि आज के दौर में जो मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है उनके अनुसार प्रश्रपत्र का प्रारूप ऐसा होना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों में परीक्षा का भय कम व रुचि ज्यादा बढ़े। उन्होंने विद्यार्थियों को रोचक एक्टीविटीज के जरिए पढ़ाने की सलाह दी। इस मौके पर प्रधानाचार्य सीमा अग्रवाल, प्रबंधक डॉ. संजीव अग्रवाल, आरिज अल्वी, अंजू सक्सेना, नीना मेहरोत्रा, दीपक सक्सेना, मंजू अग्रवाल, सुखवंत कौर, राजीव त्रिपाठी, जितेंद्र यादव, डॉली अग्रवाल, सोनी करनवाल, शिप्रा गुप्ता आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।