- पिछले ढाई दशक से गायब है नगर पालिका परिषद का संपत्ति रजिस्टर
- नगर पालिका परिषद के मौजूदा ईओ ने की नया रजिस्टर बनवाने की पहल
राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रमाणित न किए जाने के कारण नगर पालिका का संपत्ति रजिस्टर पिछले एक वर्ष से अधूरी स्थिति में पड़ा है।
नगर पालिका परिषद का संपत्ति रजिस्टर पिछले करीब ढाई दशक से गायब चल रहा है, जिससे पालिका अधिकारियों को अभी तक यही नहीं पता था कि नगर में उनकी कहां-कहां संपत्ति है। नगर पालिका परिषद के मौजूदा ईओ सुरेंद्र प्रताप ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नया संपत्ति रजिस्टर बनवाने की पहल की। नगर पालिका परिषद के संपत्ति अनुभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत कर करीब एक वर्ष पूर्व संपत्ति रजिस्टर बनाकर तैयार भी कर लिया था, लेकिन इस रजिस्टर को अभी तक राजस्व विभाग के अधिकारियों ने प्रमाणित नहीं किया है, जिससे यह रजिस्टर अधूरी स्थिति में है। जब तक राजस्व विभाग के अधिकारी इस रजिस्टर को प्रमाणित नहीं करेंगे, तब तक इस रजिस्टर का कोई महत्व नहीं।
इस बावत नगर पालिका परिषद के संपत्ति प्रभारी मोहम्मद जकील ने बताया कि वह इस रजिस्टर को प्रमाणित कराने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के एक वर्ष से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक रजिस्टर प्रमाणित नहीं हो पाया है।
मामला संज्ञान में आने पर नगर पालिका के ईओ को पालिका कर्मचारियों और राजस्व विभाग के कर्मचारियों से संयुक्त रूप से संपत्ति रजिस्टर बनवाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन केवल पालिका के कर्मचारियों ने ही रजिस्टर बना लिया है। उन्होंने यह भी बताया है कि बनाए गए संपत्ति रजिस्टर का राजस्व विभाग के अभिलेखों में दर्शाई गई पालिका की संपत्ति से मिलान कराया जाएगा। उसके बाद ही रजिस्टर को प्रमाणित कराया जाएगा।
- नन्हेलाल, तहसीलदार