कलीनगर। माधोटांडा के कस्बा निवासी सात साल के बच्चे की संदिग्ध बीमारी से सोमवार रात लखनऊ ले जाते समय मौत हो गई। एक माह पूर्व डिप्थीरिया संक्रमित होने से बच्चे का जिला अस्पताल में भी उपचार चला था। मौत के बाद से परिजन बदहवास हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर जांच कराने की बात कह रहे हैं।
माधोटांडा कस्बा निवासी नाहिद खां ने बताया कि उसका सात वर्षीय पुत्र गुलामे शाहजी को 13 अक्तूबर को डिप्थीरिया के लक्षण मिलने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां करीब 12 दिन तक भर्ती कर उसका उपचार किया गया था। इस दौरान उसके कई सैंपल लेकर लखनऊ भेजे गए थे। सुधार होने के बाद चिकित्सकों ने बच्चे को घर भेज दिया।
चार दिन बाद उसकी हालत खराब होने लगी। इस पर शहर के निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने इंफेक्शन बताया। यहां से बरेली ले जाकर उपचार कराया गया। लंबा समय बीतने के बाद कोई सुधार नहीं हुआ। परिजन सोमवार को बच्चे को लेकर लखनऊ रवाना हुए। अस्पताल पहुंचने से पूर्व उसकी मौत हो गई।
परिजन ने घर लाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि डिप्थीरिया संक्रमित होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे आदि किया था, लेकिन बच्चे की भेजी गई जांच की रिपोर्ट नहीं दी गई। इधर इस मामले में माधोटांडा सीएचसी के डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि डिप्थीरिया का उपचार होने के बाद बच्चा ठीक हो गया था। किसी अन्य बीमारी से उसकी मौत हुई है।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल कराई जाएगी। क्षेत्रीय टीम को जरूरी दिशा निर्देश दिए जाएंगे।