बीसलपुर। दियोरिया कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की मंगलवार को तीसरे दिन रिपोर्ट दर्ज कर ली।
दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के गांव जमुनिया महुआ निवासी राजवीर ने अपनी पत्नी की बेरुखी के चलते 16 अक्तूबर को गांव के बाहर धान के खेत में कीटनाशक दवाई खाकर आत्महत्या कर ली थी। राजवीर की पत्नी रेशमा ने न्यायालय में तलाक का मुकदमा डाल रखा है। रेशमा काफी समय से अपनी पुत्री के साथ मायके में रह रही है। इस बीच राजवीर कई बार ससुराल से अपनी पत्नी को लेने गया लेकिन वह नहीं आई।
पुलिस ने 19 अक्तूबर को शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। रेशमा पति की मौत होने के बाद भी अपनी ससुराल नहीं आई थी। अंतिम संस्कार करने के बाद मृतक के पिता ज्वाला प्रसाद ने मंगलवार को कोतवाली में मामले की नामजद तहरीर दी। कोतवाल प्रदीप बिश्नोई ने बताया कि ज्वाला प्रसाद की तहरीर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट में मृतक की पत्नी रेशमा देवी, रेशमा के भाई बरेली के थाना भुता के गांव खरदहा निवासी वीरेंद्र और उनके करीबी रिश्तेदार थाना भुता के गांव भगवतीपुर निवासी डोरी लाल को नामजद किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों आरोपी पिछले काफी समय से राजवीर पर अपने गांव की सारी संपत्ति बेच कर अपनी ससुराल में रहने का दबाव बना रहे थे। इसी दबाव के चलते राजवीर ने आत्महत्या की है, जिसके लिए तीनों पूरी तरह से जिम्मेदार है।