रिश्तेदार बनकर व्हाट्सएप कॉल पर की बात, बाद में गिरफ्तारी का दिखाया डर
पीलीभीत। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला थाना सुनगढ़ी क्षेत्र में सामने आया है। जालसाज ने रिश्तेदार बनकर महिला से व्हाट्सएप कॉल पर बात की और बाद में सीबीआई की ओर से पकड़े जाने का भय दिखाकर 51 हजार रुपये की ठगी कर ली। इसके बाद भी लगातार रुपयों की मांग किए जाने पर पीड़िता को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी ईदगाह निवासी पुष्पा देवी पत्नी देवेंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 15 फरवरी की सुबह करीब 9:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को उनका रिश्तेदार रवि बताते हुए बातचीत शुरू की। पीड़िता का चचेरा भाई रवि बाहर काम करता है। इससे भ्रमित होकर उसने कॉल करने वाले को रवि समझ लिया। अगले दिन 16 फरवरी को उसी नंबर से दोबारा व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह मुंबई पहुंच चुका है, जहां सीबीआई ने उसे सामान समेत पकड़ लिया है। उसने कहा कि सीबीआई अधिकारी टैक्स के नाम पर रुपये मांग रहे हैं। रुपये न देने पर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। बातों में फंसाकर आरोपी ने एक स्कैनर कोड भेज दिया। आरोपी के बताए अनुसार, पीड़िता ने अलग-अलग किस्तों में कुल 51 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद भी आरोपी लगातार रुपयों की मांग करने लगा। तब पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ। आरोप है कि अब भी उक्त नंबर से लगातार कॉल कर धमकियां दी जा रही हैं। इंस्पेक्टर नरेश त्यागी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच साइबर सेल की मदद से शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। संवाद
इन बातों का रखें ध्यान
- अंजान कॉल पर बिल्कुल भरोसा न करें
- अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी या पिन किसी के साथ साझा न करें।
- अज्ञात लिंक्स पर क्लिक करने, संदिग्ध एपीके फाइलें डाउनलोड करने या अनजान लोगों के कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी देने से बचें।
- परिचित बताकर रुपये की मांग करने पर पहले उसकी पुष्टि कर लें।
- संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।