कलीनगर (पीलीभीत)। गांव बासखेड़ा में बुधवार रात आबादी के निकट धान की रोपाई के लिए खेत में पानी लगा रहे किसान पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ किसान को मुंह में दबाकर करीब 250 मीटर दूर गन्ने के खेत में खींचकर ले गया और मार डाला। बाद में किसान का अधखाया शव बरामद हुआ। घटना को लेकर नाराज ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक शव को नहीं उठने दिया। एसडीएम, सीओ की मौजूदगी में वन अफसरों के मुआवजे और संविदा पर नौकरी दिए जाने के लिखित आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
बासखेड़ा निवासी पूरनलाल (55) का गांव के ही नजदीक चार बीघा खेत है। बुधवार रात करीब आठ बजे किसान धान की फसल की रोपाई के लिए पानी लगाने के लिए खेत पर गए। भतीजा वीरपाल और उसका एक अन्य साथी भी साथ में थे। इंजन से पानी लगाने के कुछ देर बाद ही आंधी शुरू हो गई।
मौसम बदलता देख किसान ने अगले दिन पानी लगाने की बात कहकर भतीजे और उसके साथी को घर भेज दिया। स्वयं भी इंजन बंद कर घर जाने की बात कही। काफी देर बीतने के बाद भी वह घर नहीं पहुंचे तो परिजन खेत पर पहुंचे। वहां इंजन के नजदीक ही उनका अंगोछा पड़ा था तो बाघ के पगचिह्न के अलावा घसीटने के निशान भी थे। जानकारी के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
ग्रामीणों ने वाहनों से रोशनी में उनकी तलाश शुरू की तो करीब 250 मीटर दूर उनका अधखाया शव पड़ा मिल गया। इससे गांव में हड़कंप मच गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल गया।
जानकारी के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे एसओ अचल कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद सामाजिक वानिकी के एसडीओ अंजनि कुमार, माला रेंजर रोबिना सिंह भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने वन अफसरों से रोष जताया और जंगल सीमा पर तार फेंसिंग न होने से बाघ का हमला होने की बात कही। साथ ही शव उठाने से भी इन्कार कर दिया।
जानकारी के बाद सीओ आलोक सिंह के अलावा एसडीएम आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार हबीब उर रहमान भी मौके पर पहुंच गए। विधायक के पुत्र भी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक चली बातचीत के बाद मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने के आश्वासन पर परिजन माने। तीन घंटे बाद सुबह करीब दस बजे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिवार में पत्नी रामादेवी के अलावा दो पुत्र और एक पुत्री हैं।
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कमर के नीचे का हिस्सा खा गया बाघ
ग्रामीणों को जब शव मिला तो उसका कमर के नीचे का एक हिस्सा गायब था। मौके पर पहुंची पीटीआर और सामाजिक वानिकी की टीम ने बाघ की लोकेशन ट्रेस की। रेंजर माला रोबिन सिंह का कहना था कि बाघ जंगल की ओर लौट गया है। बाघ के लौटने के पगचिह्न ट्रेस कर लिए गए हैं।
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परिजनों को मदद का आश्वासन दिया गया है। क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बाघ की निगरानी के लिए टीमें भी लगा दी गईं हैं।
- अंजनि कुमार, एसडीओ सामाजिक वानिकी