हजारा। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से जहां सड़कों पर पानी आ गया है वहीं कटान से करबला सहित कई एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई हैं।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ जाने से ट्रांस क्षेत्र का निचला भाग जलमग्न हो गया है और कई मार्गों के ऊपर पानी भरने आवागमन प्रभावित हो रहा है। इससे नहरोसा, कबीरगंज, अशोकनगर, शास्त्रीनगर, श्रीनगर, गांधीनगर, आजादनगर के किसानों की सैकड़ों एकड़ गन्ना की फ सल जलमग्न हो गई हैं, इसके अलावा शारदा का पानी सिद्धनगर से हजारा जाने वाले मुुख्य मार्ग पर तीन-चार फ ीट ऊंची तेज धाराएं बहने लगी हैं। किंतु नाव का इंतजाम न होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। बाढ़ चौकी मुरैनयिां, नहरोसा, नेहरूनगर, रामनगर, शारदापुरी आदि पर कर्मचारियों के न होने से लोगों को पानी की सही स्थिति की जानकारी नहीं हो पा रही है।
कटान में समाई तीस एकड़ जमीन
हजारा। ट्रांस क्षेत्र में शारदा नदी के कटान से नहरोसा के लाल मोहम्मद, दोस मोहम्मद, नूरमोहम्मद, कमाल जहां, मोसिन बी, कासिम, मुरतीजा, मेराज अहमद, बाबूराम करीब तीस एकड़ कृषि भूमि एवं नहरोसा में करबला की भूमि शारदा में समा गई। इसके अतिरिक्त राणाप्रतापनगर, मुरैनियां, धनाराघाट और बैलहा में भू-कटान हो रहा है।
बाढ़ कटान से बचाव ग्रामीणों ने मांगी दुआ
हजारा। कटान और बाढ़ की तबाही से बचाने को नहरोसा गांव के लोग पीर पैगंबर से दुआ करने के लिए मजार शरीफ पहुंचे और बाद में गांव के मदरसे में हाफिज, मौलानाओं के साथ बैठक की। कुदरत से दुआ मांगने के लिए तमाम लोग एकत्र होकर शारदा पर पहुुंचे हैं। इस मौके पर हाफि ज मोबिन, उवैद रजा, मोहिद्दीन, मोहम्मद सज्जाद, अताऊर रहमान, दोस मो, साहिद गाजी, अब्दुल कलाम, इमरान अली, ग्राम प्रधान समीउद्दीन सहित लोग मौजूद रहे।