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शारदा के साये से बाढ़ की स्थिति विकराल

Mon, 21 Jul 2014 05:30 AM IST
Pilibhit
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माधोटांडा। शारदा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही शारदा नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कटान के चलते रविवार को नौजल्हा नंबर दो के पांच घर नदी में समा गए। इससे घबराए ग्रामीणों ने अपने घर तोड़ने शुरू कर दिए हैं। विधायक पीतमराम ने यहां के हालात जायजा लिया और उनके निर्देश पर सीओ व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने गभिया क्षेत्र का दौरा किया।
शनिवार की रात बारिश न होने से सुबह शारदा नदी का जलस्तर कुछ कम हुआ था, लेकिन 11 बजे के बाद जलस्तर फिर बढ़ गया। एकाएक बढ़े पानी ने कटान शुरू कर दिया। नौजल्हा नकटा, नौजल्हा नंबर दो के निचले क्षेत्रों में बसे कई घर जलमग्न हो गए हैं। शारदा के तेज बहाव के कारण नौजल्हा में कराए गए बाढ़ मरम्मत आधे-अधूरे कार्य नष्ट हो गए। कटान के चलते देरशाम गांव निवासी योगेश घरामी, आदित्य सरकार, कनईपर, निताई दास और माधव मिस्त्री के घर शारदा में समा गए। हालांकि कटान से पहले ही घर के सभी सदस्य अधिकांश सामान लेकर सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। शारदा का गांव की ओर कटान बढ़ता देख हरिशंकर, शशंाक, सुनील विश्वास, नरायन अधिकारी आदि ने भी अपने घर तोड़ने शुरू कर दिए हैं।
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उधर, क्षेत्र के नगरिया खुर्द, महाराजपुर में भी पानी भरा हुआ है। शारदा पार थारू बस्ती के प्रधान फिरुआ राना ने बताया कि घरों में पानी भरा होने के कारण लोग छप्परों और मचान पर रह रहे हैं और पालतू पशुओं को सुरक्षित बचाने की समस्या खड़ी हो गई है। इधर, नेपाल की बमनी व चौदर नदी के शारदा में मिलने से ढकिया, रमनगरा व गुंहान में स्थिति बिगड़ रही है।

विधायक ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा

माधोटांडा। विधायक पीतमराम ने रविवार को गभिया पहुंच वहां बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिक पानी होने के कारण वह कुतिया कवर तक नहीं पहुंच सके जिस पर उन्होंने फोन पर प्रधान से वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली। विधायक के कहने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रामप्रकाश, सीओ रमेश बाबू यादव व एसओ माधोटांडा केपी सिंह गभिया पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से वार्ता कर उन्हें सहायता देने का आश्वासन दिया।

बाढ़ में घिरी महिला ने
मचान पर जना बच्चा
माधोटांडा। कहते हैं जन्म और मृत्यु को कोई टाल नहीं सकता। ऐसा की नजरा शारदा की बाढ़ में घिरे गांव ढकिया महाराजपुर में देखने को मिला। शनिवार को पूरे गांव व घरों में कई फिट तक पानी भर गया। इस पर ग्रामीणों ने खुद को सुरक्षित बचाने के लिए घरों के ऊपर बने छप्परों को ठिकाना बनाया, लेकिन इस बीच गांव के ही अनंतराम राना की पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। चारों ओर बाढ़ का पानी और रात का समय ग्रामीणों के लिए मुसीबत से कम नहीं था। ऐसे में ग्रामीणों ने महिलाओं की मदद से प्रसव पीड़ा से तड़फ रही महिला को पास बने एक मचान पर पहुंचाया। यहां गांव की कुछ बुजुर्ग महिलाओं की देखरेख में महिला ने करीब आठ बजे पुत्र को जन्म दिया। प्रधान ने बताया जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उन्होंने प्रशासन से एसएसबी अथवा पीएसी के माध्यम से नाव भेजकर सभी को सुरक्षित निकाले जाने की मांग की है।

बाढ़ प्रभावित गावों में नहीं पहुंच पाएडीएम

हजारा। डीएम ओमनरायन सिंह प्रशासनिक अफ सरों के साथ ट्रांस क्षेत्र में बाढ़ के हालातों का जायजा लेने पहुंचे, लेकिन रास्तों में पानी होने के कारण बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर लौट आए। उन्होंने पूरनपुर एसडीएम को कैंप कर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
ट्रांस क्षेत्र में बाढ़ का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुसा होने व क्षेत्र के लगभग सभी मार्गों पर तेज बहाव के चलते आवागमन ठप है। जिससे लोग मुसीबत में जूझ रहे हैं। स्थिति का जायजा लेने डीएम ओमनरायन सिंह यहां पहुंचे। उन्होंने आदर्श गांव रामनगर प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ चौकी व पीडब्लूडी गेस्ट हाउस मुरैनियां में पहुंच कर निरीक्षण किया और सड़कों के ऊपर हो रहा तेज बहाव देखा, लेकिन रास्तों पर पानी के कारण बाढ़ प्रभावित गांव शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, बाजारघाट, राघवपुरी, चंदनगर, लक्ष्मणनगर, आयोध्यानगर नहीं पहुंच सके। उन्होंनेे ग्राम प्रधान और कोटेदारों के संग बैठक कर पीड़ितों की हर संभव मदद करने में निर्देश दिए। उसके बाद उन्होंने पूरनपुर एसडीएम संजय कुमार को कैंप कर बाढ़ के हालात पर निगरानी रखने को कहा। उनके साथ एसपी सोनिया सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डीसी त्रिपाठी, सीएमओ राकेश तिवारी, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड बीपी सिंह, एसडीओ राजेश यादव व तहसीलदार अमरमणि त्रिपाठी सहित कई अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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बाढ़ से बिगड़ रही स्थित, पीड़ितों ने मांगी मदद

हजारा। ट्रांस क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कई गांव में शारदा का पानी घुसने से लोग दहशत में हैं। निचली आबादी एवं शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, बाजारघाट, चंदनगर, अयोध्यानगर तथा मुरैनियां गांधीनगर की मजदूर बस्ती के लोग बचाव के लिए मदद मांग रहे हैं। कई लोगाें ने मचान और ट्रॉली के ऊपर तिरपाल लगाकर आशियाना बना लिया है।
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