पीलीभीत। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने शनिवार को बरखेड़ा में विकलांग शिविर के निरीक्षण किया व वहीं चौपाल लगा जनता की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जनता की शिकायतों का निस्तारण न होने पर मेनका गांधी अफसरों पर उखड़ गईं। बोलीं-जो अफसर काम नहीं कर सकते वह जिला छोड़ दें। मेनका के यह तेवर देख अधिकारी सहम गए।
सुबह दो दिवसीय दौरे पर पीलीभीत पहुंची मेनका गांधी ने पहले अपने टनकपुर रोड स्थित संसदीय कार्यालय का उद्घाटन किया व इसके बाद बरखेड़ा पहुंची। जहां उन्होंने विकलांग शिविर का निरीक्षण किया। बाद में वहीं चौपाल लगा जनता की समस्याएं सुनने लगीं। बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने पर उन्होंने अधिकारियों की फटकार लगाने के साथ उन्हें जिला छोड़ देने तक की हिदायत दे डाली।
इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री के शनिवार को सुबह 10 बजे खमरिया पुल पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद उन्होंने वहां की व्यवस्थाएं भी देखीं। बरखेड़ा में एल्मको कानपुर के उप महाप्रबंधक वीके मौर्य की देखरेख में चल रहे शिविर में 1600 विकलांगों का परीक्षण कराया गया था। मेनका ने कहा कि सभी चिन्हित विकलांगों को 29 जून को उपकरण वितरित किए जाएंगे। इसके पश्चात उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली। इसमें सेवायोजन कार्यालय में प्रशिक्षण के नाम पर गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर उन्होंने अधिकारी आरबी चतुर्वेदी की फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए। जनता की शिकायतें सुनने के दौरान उन्होंने कई अधिकारियों को शिकायत संबंधी जानकारी देकर निरस्तारण के निर्देश भी दिए। इस बीच वह पूर्व चेयरमैन अशोक गुप्ता पप्पन के आवास पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मपाल वर्मा, अश्वनी कुमार, रंजीत कुमार, कमलकांत, एमआर मलिक, स्वामी प्रवक्ता नंद, चेयरमैन प्रभात जायसवाल, प्रदीप जायसवाल लल्लन, ब्लाक प्रमुख ज्ञानेंद्र गंगवार ज्ञानी, संजय गंगवार, अशोक गुप्ता, उमाशंकर, परमेश्वरी दयाल, डॉ. बांकेलाल, प्रमोद गुप्ता, हरद्वारीलाल, परवेज, अतहर खान, दीपक, राजकुमार भारती, बाबूराम पासवान, ताराचन्द्र लोधी, विजय जायसवाल, मनोज गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।