पीलीभीत। शहर के पौने तीन वर्ष पुराने बहुचर्चित विक्की हत्याकांड के आरोपी मृतक के जीजा और उसकी मां को दोषी पाकर अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने आजीवन कारावास और प्रत्येक को 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। एक आरोपी का मामला किशोर न्यायालय में लंबित है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला डालचंद निवासी रमेश ने 15 जून 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके अनुसार उसकी पुत्री वीनू का विवाह बृजेश के साथ हुआ है। शाम साढ़े छह बजे बृजेश उसके पुत्र विक्की को बात करने के बहाने अपने घर ले गया। शक होने पर पीछे से वादी अपने दूसरे पुत्र गोविंद और भतीजे होरीलाल के साथ चला गया। बृजेश ने मोहल्ला डालचंद्र में अपने घर के पास अपने भांजे निहाल और माता रूपवती के साथ विक्की पर तमंचा और तलवार से जान लेवा हमला कर दिया। बृजेश के तमंचे के फायर से विक्की की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बृजेश से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया। पीड़ित के अधिवक्ता गुफरान अली रिजवी के अनुसार कोर्ट ने बृजेश और रूपवती को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को 25 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। बृजेश को सत्र अधिनियम में भी दो साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया है। निहाल घटना के समय किशोर पाया गया। उसका मामला किशोर अदालत में चल रहा है।