पूरनपुर (पीलीभीत)। बेटी पर गलत नजर रखने वाले पति को पत्नी ने ही कुल्हाड़ी से काट डाला। हत्या करने के बाद बेटी की मदद से शव को खेत में फेंक दिया। हालांकि महिला ने इस हत्या को दूसरा रूप देने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सख्ती से टूट गई और सच बयान कर दिया। पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार कर कुल्हाड़ी और पत्थर कब्जे में लिया है। मृतक के भाई ने भाभी के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना कोतवाली क्षेत्र के गांव सिरसा में सोमवार को आधी रात में हुई लेकिन मंगलवार सुबह इसका पता तब जब करीब चार बजे द्वारिका प्रसाद की पत्नी जगदेई की चीख-पुकार लोगों को सुनाई दी। लोग जगदेई के घर पहुंचे तो पता लगा कि उसके पति 42 वर्षीय द्वारिका प्रसाद की हत्या कर दी गई है। शव घर से 50 मीटर की दूरी पर गेहूं कटे खेत में पड़ा था। उसके सिर पर पत्थर और कुल्हाड़ी से प्रहार किए गए थे। उसका बायां कान, सिर और चेहरे पर घाव थे।
सूचना पर पहुंचे सीओ रमेश बाबू यादव और कोतवाल वीरेंद्र सिंह यादव ने पूछताछ के बाद मृतक की पत्नी जगदेई और उसकी बेटी को हिरासत में ले लिया। जगदेई ने स्वीकार किया कि उसने पति की कुल्हाड़ी से और सिलबट्टे से हत्या की है। पति उसकी बेटी पर बुरी नीयत रखता था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी और सिलबट्टा घर से बरामद कर लिया। कुल्हाड़ी और सिलबट्टे को धोकर साफ कर दिया गया था। इसी तरह जमीन और खटिया को भी धो डाला था।
एसपी एन कोंलाची और एएसपी डा. अरविंद पांडेय ने मौका मुआयना किया तथा आरोपी पत्नी और बेटी के बयान लिए। मृतक के भाई हीरा लाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी भाभी जगदेई का पति से अक्सर विवाद होता रहता था। पति को रास्ते से हटाने के लिए उसने भतीजी की मदद से उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने का भी प्रयास किया।
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हत्या की पहले ही बना ली थी जगदेई ने योजना
बोली, अब चाहें कुछ हो, इज्जत की खातिर उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। पति की हत्या के बाद जगदेई के चेहरे पर कोई शिकन नहीं था। बोली, क्या करती इज्जत की खातिर मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा। दो दिन पहले ही सोच लिया था कि अब बेटी की इज्जत पर हाथ डाला तो मार डालूंगी। चाहे कुछ हो, पापी को को रास्ते से हटा ही दिया है।
जगदेई का कहना है कि वह बाप नहीं राक्षस था। बेटी के साथ मुंह काला करना चाहता था। कई बार समझाने पर भी नहीं माना और दो दिन पहले फिर पुत्री को शिकार बनाने की कोशिश की। उसने बताया कि सोमवार की शाम को द्वारिका गांव में आई बारात देखने गया था। बारात से लौटा तो शराब के नशे में धुत था। वह घर के आंगन में सो गया। उसने सोते पति के सिर पर पहले पत्थर से वार किया। बाद में कुल्हाड़ी से सिर पर कई प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। जगदेई ने बताया कि घटना में उसकी पुत्री का हाथ नहीं रहा, लेकिन पति के मरने पर पुत्री के सहयोग से पति की लाश को घर के पीछे खेत में फेंक आई।
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साक्ष्य छिपाने को धो डाली मिट्टी
पूरनपुर। पुलिस के अनुसार जगदेई ने यह भी कबूल किया है कि लाश को ठिकाने लगाने के बाद खून से सनी चारपाई रात को धोई। जमीन पर पड़े खून की धुलाई कर रेत डाल दी थी। खून से सनी पुत्री की सलवार को भी धो दिया था। जाग होने से पहले ही शोर-शराबा कर हत्या का जानकारी दी, लेकिन पुलिस के आगे वह टिक न सकी और सच्चाई कबूल ली।
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बाप की हत्या, मां को जेल, कैसे पलेंगे मासूम
पूरनपुर। बाप की हत्या और मां के जेल जाने के बाद घर में बचे चार मासूम बच्चों को कौन पालेगा। उनके सिर से मां और बाप दोनों का साया उठ चुका है। पांच भाइयों में द्वारिका अपने एक भाई से बड़ा था। उसके सबसे बड़े भाई बहादुर लाल की करीब दस साल पहले मौत हो गई थी। उससे छोटा गंगाराम खेड़ा में रहता है। हीरालाल, द्वारिका प्रसाद और शिवचरन गांव में ही रहते हैं। द्वारिका अपने भाइयों से करीब पांच साल पहले अलग घर बनाकर रहने लगा था। द्वारिका के परिवार में पत्नी जगदेई के अलावा 19 वर्षीय पुत्री है, जो गांव में ही अपनी ससुराल में रहती है। 16 वर्षीय दूसरी बेटी भी हत्यारोपी है। घर में आठ वर्षीय पुत्र अरविंद, छह वर्षीय पुत्री सोनी, चार वर्षीय भूरा तथा दो वर्षीय नेहा ही बचे हैं। उनका भी लालन-पालन करने वाला कोई नहीं है। हालांकि उनके ताऊ,चाचा गांव में ही है, लेकिन गरीबी के कारण इन बच्चों को पालन आसान नहीं होगा।