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नकली पेस्टीसाइड कारोबारी जमानत पर रिहा

Thu, 14 Mar 2013 05:32 AM IST
Pilibhit
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पीलीभीत। शहर में नकली पेस्टीसाइड बिक्री के आरोप में पकड़े गए तीनों कारोबारियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। इधर, कंपनी के निदेशक अनिल कुमार की मानें तो जिले के उपनगरों के कारोबारी भूमिगत हो गए हैं। बुधवार को उनकी दुकानें बंद रहीं। साथ ही दूसरे दिन डीएम के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारी थाना सुनगढ़ी पहुंचे और बरामद किए गए पेस्टीसाइड के नमूने लिए।
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मालूम हो कि मुंबई की पेस्टीसाइड कंपनी बायर क्रॉप साइंस लिमिटेड के नार्थ इंडिया निदेशक अनिल कुमार के साथ थाना सुनगढ़ी एसओ केके यादव ने मंगलवार की शाम को शहर में मंडी समिति के पास स्थित पीलीभीत खाद्य निगम, कृषि विकास संस्थान और शर्मा खाद्य भंडार पर छापा मारा था। पुलिस ने यहां से करीब सवा लाख कीमती कीटनाशक की 49 पेटी बरामद की थी। कंपनी निदेशक की तहरीर पर पुलिस ने पीलीभीत खाद्य निगम के प्रोप्राइटर नवीन कुमार गुप्ता, कृषि विकास संस्थान के प्रोप्राइटर अंकुर गुप्ता और शर्मा खाद भंडार के प्रोप्राइटर प्रदीप अग्रवाल के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट का मुकदमा दर्ज किया। साथ ही तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पुलिस ने चालान भेजा, जिन्हें कोर्ट ने बुधवार को जमानत पर रिहा कर दिया।
बुधवार को कंपनी निदेशक अनिल कुमार ने अमर उजाला को बताया कि जिले के बरखेड़ा, बीसलपुर, बिलसंडा और पूरनपुर में भी नकली पेस्टीसाइड का कारोबार हो रहा है। शहर में पड़े छापे का असर यह हुआ कि दूसरे दिन जिले के उपनगरों में इनकी दुकानें बंद रहीं। हालांकि उनकी नजर नकली पेस्टीसाइड कारोबारियों पर है। उनके कारोबार शुरू करते ही फिर कार्रवाई की जाएगी। इधर बुधवार को डीएम के निर्देश पर कृषि उप निदेशक हरेन्द्र उपाध्याय और प्रभारी जिला कृषि अधिकारी पीएल गंगवार ने थाने पहुंचकर जब्त की गई पेस्टीसाइड के नमूने लिए। उनका कहना है कि लिए गए नमूनों को जांच के लिए निदेशक कृषि भवन लखनऊ को भेजा जाता है। जहां से इन्हें प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट में यदि पेस्टीसाइड नकली होने की पुष्टि होती है तो कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा।
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वर्जन......
बायर क्रॉप साइंस लिमिटेड का पेस्टीसाइड ग्रीन (हरा), ब्ल्यू (नीला) और रेड (लाल) रंग के होते हैं। इस रंग का और मिलते जुलते नाम से पेस्टीसाइड बनाने की अनुमति नहीं मिल सकती। यहां नकली पेस्टीसाइड बेचा जा रहा था, जिसके पैकेट पर उनकी कंपनी का नाम और पता अंकित है, जबकि उत्पाद का नाम मिलता जुलता रखा गया है।
अनिल कुमार, निदेशक, बायर क्रॉप साइंस लिमिटेड गुड़गांव
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वर्जन..........
जिले में नकली पेस्टीसाइड बिक्री के मामले सामने आते रहते हैं। जांच में नमूने फेल होने पर मुकदमा कराया जाता है। पकड़ा गया पेस्टीसाइड नकली है या असली यह जांच के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल नमूने निदेशालय भेजे जा रहे हैं, जहां से यह प्रयोगशाला जाएंगे।
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हरेंद्र उपाध्याय, उपनिदेशक कृषि-पीलीभीत।
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