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चीनी मिलों के हित में किसानों की अनदेखी

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Pilibhit
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पीलीभीत। गन्ना विकास समिति में चीनी मिलों को फायदा पहुंचाने की मंशा से किसानों की अनदेखी की जा रही है। शायद, यही वजह है कि एलएच शुगर और बजाज चीनी मिल बरखेड़ा से जैसा इंडेंट आया, वैसा ही आंख मूंदकर पास कर दिया गया। अब किसान भटकने को मजबूर हैं।
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जिला मुख्यालय की एलएच शुगर और बजाज चीनी मिल को पेराई सत्र क्रमश: 21 और 22 नवंबर को चालू होना प्रस्तावित है। इसके लिए गन्ना सप्लाई पर्ची जारी होने लगी है। एलएच ने 19 नवंबर से तो बरखेड़ा का 20 नवंबर से इंडेंट जारी किया गया है। खास बात यह है कि दोनों ही चीनी मिलों ने जैसा इंडेंट भेजा। गन्ना विकास समिति के सचिव ने वैसा ही इंडेंट पास कर दिया गया, जिसमें किसानों की अनदेखी की गई है। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश सिंह यादव के अनुसार, नियमानुसार इंडेंट में 60 प्रतिशत अर्ली वैरायटी के गन्ने की पर्चियां जारी होनी चाहिए, लेकिन यहां इसे दरकिनार करते हुए एलएच शुगर के छह दिन के इंडेंट में एक भी दिन अर्ली वैरायटी की पर्चियां जारी नहीं की गई हैं। इससे गेहूं बुबाई के लिए खेत खाली करने की चिंता में परेशान किसानों का हुजूम सोमवार को समिति में उमड़ पड़ा, लेकिन यहां उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। वजह समिति सचिव सुधीर कुमार वर्मा हाईकोर्ट में पैरवी करने गए थे। उनका सेलफोन भी बंद रहा। उनके स्थान पर काम देख रहे ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सभी को जल्द ही अर्ली की पर्चियां जारी होने के लिए भरोसा दिला रहे थे।
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यह होनी चाहिए व्यवस्था
किसानों को गन्ना आपूर्ति करने के लिए समिति पर्ची जारी करती है। इसके लिए चीनी मिल प्रतिदिन के हिसाब से जरूरत के मुताबिक इंडेंट गन्न्ना विकास समिति को भेजती है। समिति नियमानुसार 60 प्रतिशत अर्ली और 40 प्रतिशत सामान्य प्रजाति के गन्ने की पर्चियां जारी करती है। इसमें समिति से कर्जदार किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पर्चियां दी जाती हैं, लेकिन यहां दो करोड़ से अधिक किसानों पर बकाया है, किंतु पर्चियां जारी करने अथवा उनसे वसूली की कोई चिंता नहीं की जा रही है।
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छह दिनों के जारी इंडेंट पर एक नजर
1
एलएच शुगर-पीलीभीत
----------------------
तारीख गन्ना (क्विंटल में) वैरायटी
19 नवंबर 26,300 सामान्य
20 नवंबर 27,000 सामान्य
21 नवंबर 58,000 सामान्य
22 नवंबर 89,000 सामान्य
23 नवंबर 77,000 सामान्य
24 नवंबर 77,000 सामान्य
2
बजाज चीनी मिल-बरखेड़ा
----------------------
तारीख गन्ना (क्विंटल में) वैरायटी
20 नवंबर 400 अर्ली
------ 1200 सामान्य
21 नवंबर 700 अर्ली
------- 9800 जनरल
22 नवंबर 1300 अर्ली
-------- 9000 सामान्य
23 नवंबर 1300 अर्ली
------ 7100 सामान्य
00
क्या कहते हैं किसान
किसानों की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं
19 पीबीटीपी 2,3,4,5
जहॉनाबाद निवासी मोहम्मद शादिक अर्ली गन्ने की पर्ची के लिए मिल से लेकर समिति तक चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कहते हैं, यहां हर तरफ अव्यवस्था है। मनमानी हो रही है। इसी तरह गांव पंसोली निवासी सालिकराम बैलगाड़ी से ट्राली की पर्ची कराने के लिए, जहॉनाबाद के खूबचंद वर्मा अर्ली वैरायटी के लिए तथा गांव सिसैया निवासी प्रद्युम्न सिंह को पर्चियों के लिए भटकते रहे। सभी व्यवस्था से नाराज दिखे और बोले, समिति में कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
वर्जन
1
फैक्ट्री चालू होने की अभी शुरुआत है। एलएच शुगर के अब जारी होने वाले इंडेंट में अर्ली वैरायटी का गन्ना शामिल किया जाएगा। छह दिन में अर्ली का गन्ना जारी न होने की बाबत कुछ कह नहीं सकता।
केजी गौतम, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक।
2
गन्ना विकास समिति से विभाग के नियमानुसार ही इंडेंट जारी होना चाहिए। इसकी अनदेखी की शिकायतें मिली हैं, जो गंभीर मामला है। इसे दिखवाएंगे और दोषी मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
ओमप्रकाश सिंह यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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बाक्स
किसानों को हित में संघर्ष करूंगा : अध्यक्ष
समिति का दायित्व किसानों का हित करना है। एलएच शुगर में अर्ली वैरायटी के गन्ने की पर्चियां न जारी करने का मामला संज्ञान में आया है। इसके अलावा समिति से कर्जा लेने वाले किसानों को भी पहले पर्चियां जारी करने का प्रावधान है, जिस पर भी अमल नहीं किया जा रहा है। किसानों को नुकसान पहुंचाने का काम हुआ तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हित में संघर्ष किया जाएगा।
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विनोद गंगवार, अध्यक्ष, गन्ना विकास समिति।
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