पीलीभीत। मोहनपुर की गीता के साथ हुई शर्मनाक वारदात की गुत्थी अब नहीं सुलझ सकेगी। वजह है मुजरिम ने जहर खाकर मौत को गले लगा लिया। इससे पुलिस ने इस केस को बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी मौसा दोषी है अथवा नहीं, यह कुछ भी दावे से कह पाना संभव नहीं है।
मालूम हो कि चार मई को थाना न्यूरिया के गांव मोहनपुर निवासी नन्हे लाल की 14 वर्षीय पुत्री गीता के साथ मौसा प्रेमप्रकाश द्वारा ही दुराचार के बाद जहर खिलाकर मार डालने की घटना जिसने सुनी वही दहल गया। मौसा और भतीजी के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने की घटना की खूब निंदा हुई। इधर, शनिवार को प्रेमप्रकाश ने भी जहर खाकर जान दे दी।
आरोपी की मौत से गीता दुराचार और हत्याकांड की गुत्थी अनसुलझी रह गई है। वजह है, फौजदारी मामलों की कानूनी प्रक्रिया में मुजरिम की मौत के साथ ही मुकदमा खत्म हो जाता है। मालूम हो कि पुलिस ने सगे मौसा पर दर्ज की गई दुराचार और हत्याकांड की रिपोर्ट को उसकी मौत के साथ ही खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी है। नतीजतन बगैर अपील, वकील और दलील के ही यह केस बंद होने जा रहा है। इससे किशोरी गीता दुराचार और हत्याकांड की अनसुलझी गुत्थी एक पहले बनकर रह जाएगी।