बिलसंडा। भीषण गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली और पानी का संकट बढ़ने से हाहाकार मचने लगा है। नगर में आठ घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। वहीं देहात क्षेत्र का और भी बुरा हाल है। गांव करेली में विद्युत उपकेन्द्र स्थापित है, लेकिन वहां के लोगों को ट्रांसफार्मर न बदले जाने की वजह से काफी समय से आपूर्ति ही नहीं मिल पा रही है।
पिछले कई वर्षों से लोगों को गर्मी में बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। बिजली की समुचित आपूर्ति न मिलने की वजह से लोगों को न तो दिन में चैन मिल पाता है और न ही रात में सही ढंग से नींद ही ले पाते हैं। ऐसी स्थिति में लोग परेशान हैं। नगर में तो जनरेटर से बिजली मिलने की वैकल्पिक व्यवस्था है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में लोग बिजली के ही सहारे हैं। उधर जितनी आपूर्ति मिल रही है उस अवधि में भी बार-बार ट्रिपिंग होती है इतना ही नहीं लोवोल्टेज की समस्या से भी जूझना पड़ता है। उधर बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या के चलते नगर की पेय जलापूर्ति भी लड़खड़ गई है। लोग परेशान हैं कि आखिर गर्मी में किस तरह जिएं।
वर्जन
आकस्मिक कटौती उनके हाथ में नहीं है। वह तो ऊपर से ही की जाती है। यहां से केवल लोकल फाल्टों पर काबू पाया जा सकता है। गांव करेली में फुंके ट्रांसफार्मर को बदलवाने के लिए डिमांड की गई है। उम्मीद है कि शीघ्र ही मिल जाएगा।
राजेश कुमार झा, अवर अभियंता-बिलसंडा।