पूरनपुर। मोहल्ला करीमगंज निवासी बुजुर्ग पंडित राधेश्याम मिश्रा का दो डॉक्टरों के पैनल ने सोमवार को पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली उनकी पीठ पर लगने की पुष्टि की गई है। पोस्टमार्टम के बाद राकेश मोहन दीक्षित पीड़ित परिवार वालों के साथ अपने ससुर का शव घर लाए। जहां मृतक के नाती ने उन्हें मुखाग्नि दी। पुलिस ने रविवार की देर रात मरने वाले की विवाहित पुत्री की ओर से इकलौते पुत्र राकेश कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव हुसैनापुर के पंडित राधेश्याम अग्निहोत्री की रविवार को उनके पुत्र राकेश कुमार अग्निहोत्री ने उस समय दिन में गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वे घर के बाहर टहल रहे थे। बताते हैं कि राकेश पिता से कुछ महीने पहले दी गई भूमि के अलावा अन्य कृषि भूमि को नाम कराने व पुत्र की पढ़ाई के लिए 60 हजार रुपये मांग रहा था। राधेश्याम ने जब रुपये देने से इंकार किया तो उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। सोमवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में पीठ मेें पीछे से गोली लगने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को पुत्री और दामाद को सौंप दिया। हालांकि इस दौरान मरने वाले के बड़े भाई राजाराम, छोटे राजेंद्र अग्निहोत्री सहित अन्य परिवार के लोग भी पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद थे। सोमवार की शाम नगर के शेरपुर रोड स्थित शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि राधेश्याम के नाती लकी ने दी। इधर देर रात तहरीर मिलने पर पुलिस ने मृतक की पुत्री रूपरानी की ओर से उसके भाई राकेश कुमार अग्निहोत्री के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दूसरे दिन भी हत्यारोपी गिरफ्तार नहीं
घटना के दूसरे दिन भी पुलिस हत्यारोपी राकेश कुमार अग्निहोत्री को गिरफ्तार नहीं कर सकी। हालांकि पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर कई संभावित स्थानों पर छापेमारी की और परिचितों से पूछताछ कर जानकारी ली। इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। उसे शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हत्यारोपी ने नहीं उठाया कोतवाल का फोन
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस को उसका मोबाइल नंबर मिल गया। इंस्पेक्टर ने सोमवार को जब हत्यारोपी के मोबइल पर कॉल की तो पहले वेटिंग आती रही। इसके बाद घंटी बजने पर आरोपी ने कोतवाल का फोन रिसीव नहीं किया।
पुलिस के पास नहीं है क्राइम हिस्ट्री
हत्यारोपी को लोग दबंग प्रवृत्ति का भले ही बता रहे हो, लेकिन कोतवाली के पुलिस रिकार्ड में उसकी क्राइम हिस्ट्री नहीं है। यह बात दीगर है कि नगर में करीब दो दशक पहले हुई एक चर्चित हत्या में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था और पूछताछ कर छोड़ दिया था।