पीलीभीत। धान का उचित मूल्य न मिलने से परेशान किसानों के सामने कुदरत ने बारिश के रूप में नई समस्या खड़ी कर दी है। बेमौसम हुई बरसात से धान की खड़ी, कटी पड़ी और काटकर मंडी पहुंची फसल बुरी तरह भीग गई है। जिले में करीब तीन मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। इस दो दिन की बारिश ने नगर की सफाई व्यवस्था की पोल भी खोल कर रख दी है। निकास के अभाव में तमाम जगह नालियों का गंदा पानी सड़कों पर आ जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। बारिश से मौसम में काफी बदलाव आ गया है। दोपहर बाद से लोगों को अच्छी ठंड का एहसास होने लगा है।
सोमवार की शाम रिमझिम फुहारों के साथ शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार को भी पूरे दिन जारी रहा। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। तैयार खड़ी फसल की कटाई लेट हो गई है वहीं नमी के कारण हवा चलने पर उसके गिरने लगी है। खेत में कटी धान की फसल भी भीग कर बर्बाद हो गई है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका दाना काला पड़ सकता है। मंगलवार को तमाम किसान अपनी कटी फसल बेचने मंडी पहुंचे, जहां उनका धान भी भीग गया। मंडी में जगह-जगह लगे धान के ढेर पूरे दिन हुई बरसात से भीगते रहे। कुछ किसान ही तिरपाल डालकर अपनी फसल बचाने में कामयाब हो सके।
बारिश के चलते नहीं हुई तोल
पीलीभीत। मंगलवार सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी के बावजूद मंडी में भारी मात्रा में धान की आवक हुई। सुबह कुछ देर के लिए बारिश थमी तो आढ़तों पर लगे इन ढेरों पर राइस मिलर्स ने बोली लगाकर खरीदारी की भी, लेकिन कुछ देर बाद बारिश के तेज होने के कारण तोल बंद हो गई। मंडी में करीब 12 हजार क्विंटल धान के ढेर तुलाई के इंतजार में लगे हैं।
किसानों को नुकसान ही नुकसान
पीलीभीत। अपर जिला कृषि अधिकारी पीएल गंगवार ने बताया कि मंगलवार को जिले में करीब तीन मिलीमीटर वर्षा हुई। इस बारिश से धान की फसल की कटाई लेट हो गई है साथ ही कटी पड़ी फसल भी खराब होने की संभावना बढ़ गई है। राई सरसों की बुवाई भी प्रभावित हुई है। 10 दिन पहले बोई गई राई व सरसों का जमाव भी ठीक से नहीं हो सकेगा। खेत गीला होने से प्रस्तावित बुवाई भी लेट हो जाएगी।
मौसम का बिगड़ा मिजाज
बीसलपुर। बारिश से मौसम का मिजाज ठंडा हो गया और जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। नगर में जगह जगह जलभराव हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ और आने जाने वालों को काफी दिक्कत हुई। स्कूली बच्चों को भीगते हुए स्कूल जाना पड़ा।
चुर्रासकतपुर। बारिश होने से खेतों में कटी पड़ी धान की फसल खराब होने लगी है। हवा के कारण खेतों में खड़ी धान की काफी फसल गिर गई है।
पूरनपुर। दिन भर हुई बारिश के चलते बाजार में खरीददारों की संख्या और सरकारी कार्यालयों में फरियादियों की संख्या न के बराबर होने से सन्नाटा पसरा रहा। ट्रेनों और बसों में भी यात्रियों की संख्या कम रही।