पूरनपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति की हंगामेदार सामान्य निकाय की वार्षिक साधरण सभा में वर्ष 2014-15 को अनुमानित 4,88,38000 आय और 4,37,68,000 व्यय सहित 50,70,000 बचत का बजट पास किया गया। इसके अलावा सात करोड़ रुपये के अधिकतम दायित्व स्वीकृत किए गए, जबकि पहले की तरह प्रति क्विंटल किसानों से एक रुपये कटौती करने का भी निर्णय लिया गया।
गन्ना समिति परिसर में चेयरमैन श्रीकांत सिंह की अध्यक्षता में गत बैठक की पुष्टि के बाद एजेंडा चर्चा में समिति परिसर में बड़ा खाद गोदाम बनाने आदि का निर्णय लिया गया। 2013-14 के तैयार संतुलन पत्र को स्वीकृत दी गई। वर्ष 1999 से 2004 तक के लेखा परीक्षा प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षा प्रतिवेदन पर विचार हंगामे के चलते नहीं हो सका। वर्ष 2014-15 के लिए समिति दायित्व जो पिछले साल छह करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, उसे बढ़ाकर सात करोड़ रुपये कर दिया गया। पूर्व संचालक हरदेव सिंह ने कटौती के बाद भी किसानों को ह्यूम पाइप न देने, डेलीगेट आबिद खां ने किसानों के बैठने की व्यवस्था ठीक न होने पर रोष व्यक्त किया। विनय शुक्ला ने इसका समर्थन किया। इस पर ह्यूम पाइप की मद में कटौती की जाने वाली धनराशि शिक्षा पर कटौती में शामिल करने का निर्णय लिया गया। बाबूराम अवस्थी ने आंख अस्पताल की मद से ढ़ाई लाख रूपये सीतापुर अस्पताल शाखा को देने के पिछली बार हुए प्रस्ताव पर मात्र पचास हजार रूपये का फर्नीचर देने का मामला उठाया। संजीव त्रिवेदी ने घुंघचाई गन्ना क्रय केंद्र को बगैर किसानों की राय के मकसूदापुर चीनी मिल को देने पर रोष व्यक्त किया। कई डेलीगेट ने खराब कीटनाशक किसानों को बिक्री करने का आरोप लगाया। बैठक में किसानों ने गन्ना सप्लाई पर्चियां न मिलने, गन्ना माफियाओं के हावी होने आदि का भी मुद्दा उठाते हुए माफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग की। बैठक का संचालन चीनी मिल कर्मचारी अनिल शुक्ला ने किया। बैठक में चेयरमैन श्रीकांत सिंह, उपाध्यक्ष कल्याण सिंह सरोज, संचालक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानी, ओमप्रकाश मिश्र, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, जजवीर सिंह, स्वदेश सिंह, कांशीराम, सत्येंद्र सिंह, सुखविंदर सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवस्वरूप बाजपेई, पूर्व संचालक हरदेव सिंह, चीनी मिल के उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह, बहादुर सिंह, महेंद्र्र सिंह, प्रभारी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक रामकुमार, सचिव देव सिंह राना, दि किसान सहकारी चीनी मिल के सीसीओ आरपी दीक्षित समेत कई लोग मौजूद रहे।
ऐसे कटेंगे एक रूपये
शिक्षा मद में 55, सड़क मरम्मत में 30, आंख अस्पताल में 15 पैसे प्रति क्विंटल कटौती होगी।
...तब भड़क गए डेलीगेट
गांव मुजफ्फरनगर के एक किसान ने लेखा परीक्षा प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षा प्रतिवेदन पर विचार में बगैर देखे और समझे उसका अनुमोदन न कराने की बात कही। इस पर चेयरमैन ने कह दिया कि वह डेलीगेट नहीं है इस लिए उसे बोलने का अधिकार नहीं है। इस पर बैठक में मौैजूद कई डेलीगेट भड़क गए। उनका कहना था कि किसान डेलीगेट तो नहीं है, लेकिन उसे बोलने दिया जाए और बैठक के बहिष्कार का मन बनाने लगे। काभी देर बाद लोग शांत हुए तब आगे की कार्रवाई पूरी हुई।