पीलीभीत। स्वच्छता सर्वेक्षण के बहाने ही सही, नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था में कुछ बदलाव देखा जा रहा है। नगर पालिका परिषद प्रशासन शहरवासियों के लिए बरसों से नासूर बने अस्थायी डलावघरों को बंद करने जा रही है। पालिका प्रशासन के मुताबिक इन अस्थायी डलावघरों में दस से अधिक वार्डों का कूड़ा डाला जा रहा है। अब इन वार्डों का कूड़ा सीधे स्थायी डलावघर में ले जाकर डाला जाएगा।
करीब ढाई लाख आबादी वाले शहर की सफाई व्यवस्था पर गौर करें तो ये आज भी चार दशक पुराने हेल्थ मैनुअल के अनुसार चल रही है। कूड़ा निस्तारण को शहर में करीब 28 अस्थायी डलावघर हैं। ये सभी डलावघर सड़कों के किनारे बने हुए हैं। सफाई कर्मी रोजाना शहर के सभी 27 वार्डों का कूड़ा करकट उठाकर इन्हीं डलावघरों में डालते आ रहे हैं। खास बात यह है कि ये सभी अस्थायी डलावघर बाउंड्रीवॉल विहीन हैं। इन डलावघरों में कूड़ा इतने बेतरतीब ढंग से डाला जाता है कि कुछ ही मिनटों में यह आधी सड़क पर आ जाता है और शहरवासियों को इन्हीं कूड़ों के ढेरों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इधर, स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 शुरू हो चुका है। पालिका प्रशासन सर्वेक्षण में बेहतर रैंक पाने के लिए सफाई व्यवस्था में लगातार बदलाव करने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठाने वाले वाहनों में जीपीएस, सफाईकर्मियों की बायोमैट्रिक हाजिरी का कार्य शुरू हो चुका है। अब पालिका प्रशासन ने शहर के लिए बरसों से नासूर बने अस्थायी डलावघरों को कम करने की कवायद शुरू की है। पालिका प्रशासन के मुताबिक पहले चरण में चार अस्थायी डलावघर बंद किए जाएंगे। इसमें वार्ड एक, चार, सात, 16 से जुड़े गौहनिया चौराहा के समीप स्थित डलावघर, वार्ड छह, नौ, 10 से जुड़े मधुवन कॉलोनी के समीप स्थित डलावघर, वार्ड दो, 17, 18, 16 से जुड़े नीबू मंडी स्थित डलावघर और वार्ड तीन, पांच, आठ, 15 से जुड़े आयुर्वेदिक कॉलेज रोड स्थित डलावघर को समाप्त किया जाएगा। पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आबिद अली के मुताबिक उक्त चारों अस्थायी डलावघरों से जुड़े वार्डों का कूड़ा अब सीधे वाहनों के माध्यम से मीरापुर स्थित स्थायी घर में ले जाकर डाला जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को साफ सुथरा बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। स्थायी डलावघर न होने से कूड़ा निस्तारण की समस्या बनी हुई थी। अब डलावघर की व्यवस्था कर ली गई है। अस्थायी डलावघर समाप्त किए जाएंगे। इससे सफाई व्यवस्था में खासा बदलाव देखने को मिलेगा। - विमला जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद