गजरौला/पीलीभीत। माला रेंज के बाहर बाघ के साथ तेंदुए की भी चहलकदमी बनी हुई है। शनिवार देर शाम जंगल से बाहर आया तेंदुआ गजरौला क्षेत्र के लालपुर गांव की सीमा में पहुंच गया। यहां गांव निवासी बनवारी सिंह के मकान के बाहर एकत्र में पड़े प्याल में सो रहे कुत्ते के पिल्लों पर तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुए ने वहां पांच पिल्लों को निवाला बना लिया जबकि दो पिल्ले घायल हो गए। कुत्ते के बच्चों का शोर सुन मकान से बाहर निकले परिवारिजनों के शोरशराबा करने पर तेंदुआ गन्ने के खेत से होता हुआ आगे की ओर निकल गया। सूचना के बाद रविवार सुबह वन विभाग की क्षेत्रीय टीम ने मौका मुआयना कर तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए हैं।
माला रेंज के जंगल से दूर गजरौला क्षेत्र के अंतर्गत आबादी की सीमा तक पहुंच रहे बाघों के साथ तेंदुए की भी चहलकदमी बनी हुई है। शनिवार शाम जंगल से बाहर निकला तेंदुआ क्षेत्र के लालपुर गांव की आबादी के निकट पहुंच गया। यहां गांव के बाहरी हिस्से में बने ग्रामीण बनवारी सिंह के मकान के बाहर प्याल का ढेर लगा हुआ है। ठंड के चलते वहीं एक आवारा कुतिया ने सात पिल्लों को जन्म दिया था। कुतिया अपने बच्चों को प्याल में छोड़ कर गई थी। इसी बीच खेतों की ओर से आए तेंदुए ने कुत्ते के पिल्लों पर हमला कर पांच पिल्लों को अपना निवाला बना लिया। दो पिल्लों को तेंदुए ने घायल कर दिया। इस दौरान घर से बाहर निकलकर आए गट्टू और अगमवीर ने तेंदुआ देखा तो घबरा गए। दहशत के चलते शोरशराबा करने पर तेंदुआ पिल्लों को छोड़कर खेतों की ओर होता हुआ आगे निकल गया। ग्रामीणों ने रविवार सुबह मामले की सूचना वन विभाग को दी। दोपहर बाद वन विभाग की क्षेत्र टीम ने मौका मुआयना कर तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए। बीट प्रभारी सत्यवीर संधू ने बताया कि तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए गए है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की अपील की गई है।