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जमीनी स्तर व छोटी उम्र से ही प्रतिभाओं को निखरने का दें मौका

Sun, 30 Dec 2018 09:43 PM IST
zaidi saba अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
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फुटबॉल टीम के कोच और उनके गुरु। - फोटो : अमर उजाला
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जिले में बच्चों को फुटबॉल की बारीकियां सिखाने को ग्रास रूट प्रोग्राम व वर्कशॉप आयोजित करने की मंशा
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भारतीय फुटबॉल टीम (अंडर-16) के कोच डॉ. नरेंद्र गंगवार से वार्ता

पीलीभीत। छोटे शहरों व कस्बों में जमीनी स्तर पर और छोटी उम्र में प्रतिभाओं को निखारने पर बहुत अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है। यही वजह है कि खेल प्रतिभाएं निखरने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। अपने जिले में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। पीलीभीत में फुटबाल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय फुटबॉल एसोसिएशन के सहयोग से बच्चों को फुटबाल की बारीकियां सिखाने को ग्रास रूट प्रोग्राम, लीग मैच व इससे जुड़े कोचों को ट्रेनिंग व वर्कशॉप आयोजित करने का प्लान बनाया जाएगा। यह बात भारतीय फुटबॉल टीम (अंडर-16) के कोच डॉ. नरेंद्र गंगवार ने अमर उजाला कार्यालय में वार्ता के दौरान कही।
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बीसलपुर के गांव वीरमपुर निवासी व राजस्व निरीक्षक सुम्मेरलाल गंगवार के पुत्र डॉ. नरेंद्र गंगवार वर्तमान में भारतीय फुटबाल टीम (अंडर-16) के कोच व लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विद्यालय त्रिवेंद्रम (केरल) में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। डॉ. नरेंद्र की शिक्षा दीक्षा एसआरएम इंटर कॉलेज बीसलपुर में हुई। वर्ष 2006 में सांई ट्रेनिंग सेंटर काशीपुर से सफर शुरू करने के बाद डॉ. नरेंद्र लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय ग्वालियर से बैचलर व मास्टर ऑफ फिजीकल एजुकेशन करने के बाद वर्ष 2011 में ए ग्रेड कोच बने। उन्होंने बताया कि उनके व कोच दीपक शर्मा के नेतृत्व में एलएनआईपी ग्वालियर की टीम वर्ष 2014-15 से वर्ष 17-18 तक वेस्ट जोन मे लगातार चैंपियन रहीं। साथ ही यूनीवर्सिटी के तीन छात्र सत्यजीत बारदोली, दिग्विजय सिंह व गौरव राष्ट्रीय फुटबाल टीम में शामिल किए गए। अपने गुरु व फुटबॉल कोच अरविंद देवल से मिलने शहर पहुंचे डॉ. नरेंद्र ने बताया कि जिले में फुटबॉल संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए खिलाड़ियों के लिए ऐसा पाथ-वे तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से एक बेहतर खिलाड़ी बनने के साथ उन्हें इससे जुड़े रोजगार भी मुहैय्या कराए जा सकें। इसको लेकर स्थानीय फुटबॉल एसोसिएशन की मदद ली जाएगी।
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