पीलीभीत। नगर पालिका की टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए शहर में स्वकर निर्धारण व्यवस्था लागू हुए करीब साल भर बीत चुका है, लेकिन नई व्यवस्था अभी घुटनों के बल ही चल रही है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 24 हजार करदाताओं में करीब 3500 करदाताओं ने नई व्यवस्था के तहत कर जमा किया है। ऐसे में नई कर व्यवस्था के तहत कर वसूली की भरपाई कैसे होगी, यह आने वाले समय में पालिका के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है।
शासन ने नगर पालिका की टैकस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने को स्वकर निर्धारण प्रक्रिया का शासनादेश जारी किया था। इस प्रक्रिया के तहत शहर के 24 हजार उपभोक्ता द्वारा स्वयं ही गृह व जलकर का निर्धारण किया जाना था। उस दौरान दरें आदि तय न होने के चलते मामला टलता रहा। बाद में शासन की सख्ती के चलते जैसे तैसे बायलाज तैयार कर शासन को भेज दिया। गत वर्ष शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इस नई कर व्यवस्था को एक अप्रैल से लागू कर दिया गया। इसको लेकर पालिका प्रशासन द्वारा कर दाताओं को एक पत्रक जारी किया। यह प्रपत्र सभी उपभोक्ताओं को पालिका के टैक्स विभाग से लेकर उसे दिए गए बिंदुओं को भरने के बाद जमा करना था। बताते हैं कि इस नई कर व्यवस्था का प्रचार प्रसार न होने के चलते महज चंद करदाता ही प्रपत्र लेने पहुंचे। इसके बाद इसकी जिम्मेदारी टैक्स विभाग के कर्मचारियों को सौंपी गई, लेकिन इसके बाद भी नई व्यवस्था धरातल पर नहीं उतर सकी।
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24 हजार में मात्र 3500 ने अपनाई नई कर व्यवस्था
आंकड़ों के मुताबिक शहर में करीब 24 हजार करदाता हैं। इन करदाताओं में से मात्र 3500 करदाताओं द्वारा स्वकर निर्धारण व्यवस्था के जरिए अपना कर जमा किया है। नई कर व्यवस्था के प्रपत्र कार्यालय में धूल फांक कर रहे हैं।
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आसान नहीं है प्रपत्र भरना
करदाताओं के मुताबिक यदि पालिका से प्रपत्र ले भी लेते हैं तो यह भरना आसान नहीं है। इस प्रपत्र में सभी कमरों के अलावा बरामदे, बालकनी, कॉरीडार आदि का ब्यौरा भरना होगा। जो एक आम करदाता के लिए संभव नहीं है। गलत सूचना पर दो हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान भी है।
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स्वकर निर्धारण व्यवस्था गत वर्ष ही लागू कर दी गई थी। नई कर व्यवस्था लागू करने को पूर्व में कर्मचारियों की मदद से प्रपत्र भरवाए गए, इसके बावजूद करदाताओं ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब करदाताओं की सूची के तहत एक सिरे से प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं। इसमें टैक्स विभाग के कर्मचारियों को भी लगाया गया है।
- नर सिंह राणा, प्रभारी ईओ/कर निर्धारण अधिकारी