क्षेत्र के दो गांवों में पिछले काफी समय से चल रहे अवैध स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बंद करा दिए हैं। इसके बाद इन विद्यालयों में पढने वाले 350 बच्चों के समक्ष प्रवेश की समस्या बन गई है।
गांव मितेपुर और गुजरानपुर में पिछले काफी समय से अवैध स्कूल चल रहे थे। दोनों विद्यालयों में करीब 350 बच्चे पढ़ रहे थे। बेसिक शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी ने इन स्कूलों की ओर ध्यान नहीं दिया। जिससे स्कूलों का संचालन होता रहा। मौजूदा बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति के निर्देश पर बीईओ उपेंद्र विश्वकर्मा ने पिछले दिनों इन दोनों अवैध विद्यालयों को सख्ती कराते हुए बंद कर दिया। स्कूल बंद होते ही इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के समक्ष प्रवेश की समस्या पैदा हो गई है। बच्चे टीसी न होने के कारण अब किसी नए विद्यालय में ंप्रवेश लेने के हकदार भी नहीं रह गए। बच्चे घरों में बैठे हैं। उनके अभिभावकों ने बंद विद्यालयों के संचालकों से टीसी देने को कहा लेकिन उन संचालकों ने टीसी देने में असमर्थता जता दी। अभी तक इन विद्यालयों के संचालकों ने अपने विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को दूसरे मान्यता प्राप्त विद्यालयों से संबद्ध कर रखा था। अभी फिलहाल इन बच्चों और अभिभावकों को कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है, इससे वे काफी परेशान हैं।
अवैध स्कूल कराए जाएंगे बंद
ब्लाक के सभी अवैध स्कूलों के संचालकों को स्कूल तत्काल बंद करने के संबंध में नोटिस जारी कर दिए हैं। अधिकांश संचालकों ने अवैध स्कूल बंद कर दिए हैं। कुछ अवैध स्कूल अभी चल रहे हैं, जिन्हें बहुत जल्द बंद करा दिया जाएगा। - उपेंद्र विश्वकर्मा, बीईओ बीसलपुर
बच्चे का भविष्य लग गया दांव पर
मेरा पुत्र इंद्र्रेश कुमार गांव गुजरानपुर के स्कूल में पढ़ता था। उन्होंने स्कूल में 500 रुपये प्रवेश शुल्क भी जमा कर दिया था लेकिन अब स्कूल बंद हो गया है, जिससे बच्चे का भविष्य दांव पर लग गया है। - त्रिलोक कुमार, गुजरानपुर।
प्रवेश शुल्क और शिक्षण शुल्क कर चुके हैं जमा
मेरा पुत्र आयुष गुजरानपुर के स्कूल में कक्षा छह में पढ़ता था। वह प्रवेश शुल्क और माह जुलाई का शिक्षण शुल्क भी जमा कर चुके हैं लेकिन अब स्कूल बंद हो जाने से वह काफी परेशान है। - प्रमोद कुमार गुजरानपुर।