पीलीभीत। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को गांधी सभागार में जिला जनगणना समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक हुई। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी आलोक कुमार ने अधिकारियों को निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
जनगणना निदेशालय की ओर से नामित नोडल अधिकारी शुभम बाजपेई ने द्वितीय चरण में होने वाली जनसंख्या गणना, स्व-गणना और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिले से चयनित दो मास्टर ट्रेनरों को 23 से 26 सितंबर तक लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब इनके माध्यम से जिले के 78 फील्ड ट्रेनरों को दो बैच में प्रशिक्षित किया जाएगा। पहला बैच सात से नौ अक्तूबर और दूसरा 12 से 14 अक्तूबर तक बेनहर गुरुकुल, टनकपुर रोड, ग्राम दियूनी केसरपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। दोनों चरणों में सुबह नौ से शाम छह बजे तक प्रशिक्षण चलेगा।
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि प्रशिक्षण के दौरान डमी आईडी बनाकर पोर्टल पर कार्य करने का अभ्यास कराया जाएगा। प्रगणकों और सुपरवाइजरों को ईवी पर काम करने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी, ताकि वास्तविक गणना के दौरान तकनीकी दिक्कत सामने न आए। सभी चार्ज में प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण 14 नवंबर तक पूरा कराने का लक्ष्य तय किया गया है। जनगणना के दूसरे चरण में स्व-गणना की सुविधा 16 से 30 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी। स्वगणना की अवधि समाप्त होने के बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रसून द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।