पीलीभीत। प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने पर थानों में समाधान दिवस आयोजन की शुरूआत की गई, ताकि पीड़ित लोगों को इधर-उधर भटकना न पड़े। शुरूआत में सब कुछ ठीक चला। मगर अब समाधान दिवस में भी लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों का समाधान दिवस से मोह भंग होने लगा है। शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में सुनसान रही। संबंधित अफसर तो पहुंचे, लेकिन समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की संख्या बेहद कम रही। इक्का-दुक्का शिकायतें पहुंची तो उनका निस्तारण नहीं हुआ।
शासन के निर्देशानुसार शनिवार को जिले के सभी थानों में समाधान दिवस आयोजित हुआ। कोतवाली में इंस्पेक्टर केपी सिंह और सुनगढ़ी में नरेंद्र यादव ने शिकायतें सुनीं। जहां दोनों जगह एक-एक शिकायतें आईं, जिनका निस्तारण नहीं हो सका। इसकी जिम्मेदारी पुलिस और राजस्व विभाग की टीम को दी गई। इस मौके पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल भी मौजूद रहे।
न्यूरिया। यहां समाधान दिवस में सुबह से ही फरियादियों की संख्या कम रही। पूरे समय में कुल चार शिकायत आईं, लेकिन निस्तारण किसी का नहीं हो सका। दोपहर 12 बजे के बाद डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र और एसपी मनोज कुमार सोनकर पहुंचे। बीसलपुर। एसडीएम वंदना त्रिवेदी की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में छह शिकायतें आईं। इनमें से दो का निस्तारण करा दिया गया। राजस्व विभाग से जुड़ी चार शिकायतों के निस्तारण को टीम बना दी गई है। इसमें इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल शर्मा भी मौजूद रहे।
गजरौला। इंस्पेक्टर शहरोज अनवर की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में सिर्फ दो शिकायतें आई, जिनका मौके पर निस्तारण करा दिया गया।
बरखेड़ा। यहां थाना परिसर में हुए समाधान दिवस में एसडीएम बीसलपुर वंदना त्रिवेदी, इंस्पेक्टर राजकुमार भारद्वाज ने कुल नौ शिकायतें सुनी। इनमें से तीन का निस्तारण कराया गया। छह शिकायतों के निस्तारण को पुलिस और राजस्व कर्मियों की टीम बना दी गई है।
माधोटांडा। एसडीएम चंद्रभान सिंह, सीओ पूरनपुर कमल सिंह की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में सिर्फ एक शिकायत पहुंची। जिसका दोनों पक्षों को बुलाकर निस्तारित करा दिया गया।