चार संदिग्ध दवाओं के नमूने भी लिए, मंडलीय टीम की संयुक्त छापामारी से मची खलबली
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गजरौला/पीलभीत। क्षेत्र में बिना लाइसेंस चार साल से चले रहे मेडिकल स्टोर पर चार जिलों के ड्रग्स इंस्पेक्टरों ने छापा मारा। संचालक से जरूरी दस्तावेज मांगे, जो नहीं दिए। टीम ने करीब चालीस हजार रुपये की दवाएं जब्त करने के साथ ही मेडिकल सील कर संचालक के खिलाफ थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। संदिग्ध चार दवाओं के नमूने भी लिए गए हैं। वहीं छापामारी की भनक लगते ही अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में खलबली मच गई। अधिकांश संचालक दुकानों को बंद करके भाग निकले।
गजरौला कला में चार साल से अवैध तरीके से चल रहे सिद्दकी मेडिकल स्टोर की शिकायत शासन स्तर पर की गई थी। जिसके बाद सहायक आयुक्त औषधि बरेली मंडल आरपी पांडेय द्वारा छापामारी के लिए मंडलीय ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम गठित की गई। टीम में बदायूं से ड्रग इंस्पेक्टर नवनीत कुमार, शाहजहांपुर से देशबंधु, बरेली के विवेक कुमार, उर्मिला और पीलीभीत से बबीता रानी को शामिल किया गया। बुधवार दोपहर सभी ने यहां पहुंचकर अवैध तरीके से चल रहे मेडिकल स्टोर में छापामारी शुरू कर दी। संचालक शमशाद से दवा क्रय-विक्रय से संबंधित जरूरी दस्तावेज मांगे। संचालक कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। फार्मासिस्ट और लाइसेंस उसके पास नहीं मिला। दवाएं एक्सपायरी मिलने के बाद टीम ने करीब चालीस हजार रुपये की दवाएं जब्त कर ली। थाने में ले जाकर दवाओं की जांच की। जिसके बाद चार संदिग्ध दवाओं के नमूने लिए जाने के साथ ही स्टोर संचालक शमशाद के खिलाफ मेडिकल अधिनियम के तहत गजरौला थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी ने बताया कि जांच पड़ताल करने पर शिकायत सही मिली। सिर्फ एक दुकान पर छापामारी की गई है। मेडिकल स्टोर का चार साल से अवैध संचालन हो रहा था।