नौजल्हा में बछड़ा, वीरखेड़ा में कुत्ता बना तेंदुए का निवाला
ग्रामीणों को तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने में वन विभाग नाकाम
क्रासर....
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा(पीलीभीत)। बराही रेंज के जंगल से बाहर निकल रहे तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। सीमावर्ती इलाके केे साथ वीरखेड़ा क्षेत्र में भी तेंदुए की आबादी क्षेत्र में दस्तक बढ़ गई है। बुधवार रात नौजल्हा गांव की आबादी में घुसे तेंदुए ने ग्रामीण के बछड़े को निवाला बना लिया। वहीं दूसरी घटना में जंगल से पांच सौ मीटर की दूरी पर वीरखेड़ा गांव में दस्तक देकर पालतू कुत्ते को खींच लिया। तेंदुए की रोकथाम करने में टाइगर रिजर्व प्रशासन पूरी तरह से फेल होता दिखाई दे रहा है।
टाइगर रिजर्व में बाघ और तेंदुए की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते जंगल से बाहर आबादी क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही भी बढ़ रही है। बराही रेंज की सीमावर्ती क्षेत्र नौजल्हा व बूंदीभूड़ क्षेत्र में पिछले डेढ़ माह से तेंदुए का आतंक जारी हैं। बुधवार रात तेंदुए ने नौजल्हा गांव में हरि विश्वास के घर में बंधे बछड़े पर हमला कर दिया। गृहस्वामी के मुताबिक तेंदुआ रात तीन बजे उनके घर में घुस आया और घर में बंधे बछड़े पर हमला करके रस्सी सहित बाहर की ओर खींच ले गया। आहट पर जागे परिवारीजनों ने शोरशराबा किया। तेंदुआ लगभग सौ मीटर की दूरी पर जाकर बछड़े का अधखाया शव छोड़कर वहां से निकल गया। सूचना पर गुरुवार सुबह नौजल्हा वन चौकी के डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार ने वनकर्मी रवि के साथ मुआयना कर जानकारी जुटाई। परिवारजनों ने बछडे़ के शव को दफना दिया। दूसरी घटना में बराही रेंज के जंगल से बाहर निकले तेंदुए ने वीरखेड़ा गांव में दस्तक दे डाली। यहां आबादी से जंगल की दूरी लगभग पांच सौ मीटर की है। रात दो बजे तेंदुए ने गांव निवासी राम सिंह यादव के घर से बाहर घूम पालतू कुत्ते को अपना निवाला बना लिया। आहट पर जागेे परिवारवालों ने ग्रामीणों की मदद से शोरशराबा कर तेंदुए को आगे की ओर खदेड़ा। सूचना पर गुरुवार सुबह बराही रेंज के वन दरोगा मोहित सिंह ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाने के साथ ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। वन दरोगा ने बताया कि तेंदुआ फिर जंगल की ओर चला गया है। उसकी निगरानी को गश्त बढ़ा दी है।
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कहीं खतरे में न पड़ जाए तेंदुुए की जान
पिछले डेढ़ माह से सीमावर्ती इलाके में तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही हैं। लगातार आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर मवेशियों को निवाला बनने की घटनाओं से ग्रामीणों में काफी रोष बढ़ रहा है। ऐसे में टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा तेंदुए की रोकथाम के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो उसकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी।
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48 घंटों में तीन मवेशियों को बनाया निवाला
नौजल्हा व बूंदीभूड़ क्षेत्र में तेंदुए का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं। आबादी के बीचोंबीच घुसकर तेंदुआ मवेशियों को अपना निवाला बना रहा है। पिछले 48 घंटो में तेंदुए ने सोमवार रात महिम हलदर मंगलवार रात असीम विश्वास व बुधवार रात हरि विश्वास के घर में घुसकर बछड़े को निवाला बना लिया।
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दिन ढलते ही बढ़ जाती हैं धड़कनें
सीमावर्ती इलाके की आबादी क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने तेेंदुए की दहशत दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि दहशत के चलते ग्रामीण शाम होते ही घर में घुस जाते हैं। यदाकदा रात में कार्य पड़ जाने के चलते ग्रामीण झुंड के रूप में खेतों की ओर जाते हैं। बच्चे भी स्कूल जाने से कतरा रहे हैं।