पीलीभीत। चकरोड की पैमाइश गलत करने और शिकायत करने पर ग्रामीण को धमकी दी गई। इसकी शिकायत तहसील दिवस और विधायक से करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पीड़ित ने परिवार सहित सदर तहसील में आमरण अनशन शुरू किया है।
ललौरीखेड़ा ग्राम पंचायत गोंछ निवासी मुनीश कुमार सोमवार को परिवार के साथ सदर तहसील पहुंचे और आमरण अनशन पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि 16 मई को उन्होंने चकरोड़ की पैमाइश कराने को प्रार्थनापत्र दिया था जिसपर लेखपाल शांतिस्वरूप अन्य लेखपालों के साथ पैमाइश करने पहुंचे। पैमाइश के दौरान प्रधान राजेंद्र सिंह गंगवार व रोजगार सेवक दीनदयाल सहित कई गांव वाले भी मौजूद थे। पैमाइश में चकरोड गाटा संख्या 341 में निकला जबकि वर्तमान में वह गाटा संख्या 399 में था। आरोप है लेखपाल ने जमीन पर अतिक्रमण करने वालों से सांठगांठ कर उसके खेत में ही चकरोड बनवाने का दवाब बनाया। इस पर मुनीश कुमार ने इसका विरोध कर शिकायत निस्तारण पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। न्याय न मिलने पर उसने उसकी शिकायत पुन: तहसील दिवस और शहर विधायक के कैंप कार्यालय में भी की। इसमें आठ जुलाई तक समस्या का समाधान न होने पर अनशन की चेतावनी दी थी। समय सीमा समाप्त होने पर वह सदर तहसील पहुंचा और परिवार के साथ आमरण अनशन शुरू किया। ज्ञापन में जमीन कर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पैमाइश कराने, अतिक्रमणकारियों व लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।