शहर के रामलीला रेलवे क्रासिंग से असम हाईवे जाने वाले मार्ग पर झुका बिजली का खंभा।संवाद
- फोटो : नेवल गांव के एक बाग में आम के पेड़ में आया बौर।
पीलीभीत। बदहाल बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए चल रही रीवैंप योजना की रफ्तार जिले में काफी सुस्त है। योजना की समयावधि समाप्त होने में सिर्फ डेढ़ माह का समय बचा है और काम सिर्फ 30 फीसद ही पूरा हो सका है।
शहर में अब तक बंच केबल डालने का कार्य भी पूरा नहीं किया जा सका है। रीवैंप योजना का कार्य अधूरा होने से उपभोक्ताओं को गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
जिले में 480 करोड़ की लागत से वर्ष 2023 में यह कार्य शुरू कराया गया था। योजना से जिले में जर्जर बिजली खंभों को बदलने, ट्रांसफार्मर बदलने व उनकी क्षमता बढ़ाने, बंच केबल डालने के साथ ही नए फीडरों का निर्माण कराया जाना है।
जिम्मेदारों की अनदेखी की वजह से अब तक बंच केबल डालने का काम, खंभों को चिह्नित कर बदलने का कार्य भी पूरा नहीं किया जा सका है। यह काम मार्च 2024 में पूरा किया जाना था। कार्य अधूरा होने से समयावधि बढ़ाकर मार्च 2025 कर दिया गया। यह अवधि भी पूरी होने वाली है। मगर जिले में महज 30 फीसदी काम ही पूरा किया जा सका है।
शहर के रामलीला रेलवे क्रासिंग से असम हाईवे जाने वाले मार्ग पर झुका बिजली का खंभा।संवाद- फोटो : नेवल गांव के एक बाग में आम के पेड़ में आया बौर।