जिला पंचायत में शपथग्रहण के बाद वृहस्पतिवार को बोर्ड की पहली बैठक हुई।
वर्ष 216-17 के लिए 66 लाख का बजट स्वीकृत किया गया। इसके अलावा कई अन्य
प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में कई अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिस पर
नाराजगी जताई गई। सीडीओ ने बैठक में अनुपस्थित रहे अधिकारियों का वेतन
काटने के निर्देेश दिए हैं।
जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक अध्यक्ष
आरती की अध्यक्षता में हुई। शुरू में अधिकारियों और सदस्यों ने अपना परिचय
दिया। इसके बाद एजेंडे के अनुसार कार्रवाई प्रारंभ हुई। करीब पौन घंटे चली
इस बैठक में वर्ष 2016-17 के लिए बजट प्रस्तुत किया गया।
इसमें कुल 24
करोड़ 32 लाख रुपये की आय और इसके सापेक्ष 23 करोड़ 66 लाख का खर्च दर्शाया
गया। इस प्रकार वित्तीय वर्ष में 65 लाख का लाभ अनुमानित है। बजट को
सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसके अलावा सदस्यों की सुविधा के लिए
पुराने जिला पंचायत गेस्ट हाउस को मरम्मत कराने, अध्यक्ष के लिए नई गाड़ी
खरीदनेे, सदस्यों को परिचय पत्र जारी करने सहित कई प्रस्ताव पास किए गए।
बैठक
में अध्यक्ष आरती के अलावा पूरनपुर विधायक पीतमराम, राज्यमंत्री
स्वतंत्रप्रभार हाजी रियाज अहमद के प्रतिनिधि के रूप में मोहम्मद आरिफ, सपा
जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य मंजीत सिंह, गुरजीत सिंह,
रामौतार हिटलर, गुरदेव सिंह, महेंद्र सिंह, ढाकनलाल, अर्चना वर्मा, मोहम्मद
आरिफ, मिथलेश, सुरेश वर्मा, मो. अकरम अंसारी, ऋषिपाल, जसवंत कौर, देवेंद्र
सिंह टोनी, रूचि सागर, शबनम उर्फ तुलसी, रजनी देवी, असलम अंसारी, रियाज
खान, भूपराम, विनीता देवी, मालती देवी, दीप्ती गंगवार, महेश कुमार, आशा,
रामप्रताप, शोभना, शिव स्वरूप, ममता देवी, रीना गंगवार, कृष्णा देवी, मचला
देवी, निशा यादव और कई अधिकारी मौजूद रहे।
ईई पर शिकायतों की झड़ी
परिचय
के दौरान सदस्यों ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह
के खड़े होते ही शिकायतों की झड़ी लगा। इस पर सीडीओ ने सदस्यों की
शिकायतों को प्रमुखता से निस्तारित कराने के निर्देश दिए।
आरिफ के हाथ में रही बैठक की कमान
जिला
पंचायत बोर्ड की बैठक में यूं तो सभी सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन
बैठक की कमान राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद के प्रतिनिधि के
रूप में मौजूद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रुकैया के पति मोहम्मद आरिफ के
हाथों में रही। किसी भी अधिकारी या सदस्य के बोलने के बाद वह स्वयं इसका
संज्ञान ले रहे थे। साथ ही भविष्य की योजनाएं और बैठक के एजेंडे पर चर्चा
भी उन्होंने की। इसकी बैठक के बाद खासी चर्चा रही।
भीड़ अंदर, अधिकारी बाहर
जिला
पंचायत बोर्ड की बैठक प्रारंभ होने से पूर्व औपचारिकता के लिए यह घोषणा की
गई कि अनाधिकृत लोग सदन से बाहर हो जाए, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं
दिया। कई महिला सदस्यों के साथ उनके पति भी बैठक में मौजूद थे। कई सदस्य
अपने साथ अन्य लोगों को लेकर पहुंचे थे। सपा के कुछ पदाधिकारियों के अंदर
होने से हाल भर गया, जिससे कई अधिकारी बाहर ही रह गए। अनुपस्थित किए जाने
की सूचना पर कई अधिकारी किसी तरह अंदर पहुंचे। जबकि कुछ अधिकारी बाहर से ही
लौट गए।