13 पीबीटीपी 21,22
घर के दरवाजे से बैल खींच ले गया बाघ
खून चूसकर खेत में छोड़ गया शव, प्रधान के घर के पीछे लोगों ने घूमता देखा बाघ
एक्सपर्ट टीम ने मौके पर पहुंच पगचिह्न किए ट्रेस, निगरानी जारी
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। सीमावर्ती इलाके में आतंक का पर्याय बने तेंदुए के साथ बाघ की दस्तक ने क्षेत्रीय ग्रामीणों की दहशत और बढ़ा दी है। बुधवार रात नौजल्हा जंगल से बाहर निकले बाघ ने महाराजपुर गांव में घर के बाहर बंधे बैल को खींच लिया और खेत में उसका खून चूसकर शव छोड़ गया। कुछ ग्रामीणों ने बाघ को प्रधान के घर के पीछे देखने का भी दावा किया। सूचना पर वन महकमे के डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, डब्ल्यूटीआई, आरआरटी की टीमों ने पहुंचकर जानकारी जुटाने के साथ बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए।
टाइगर रिजर्व जंगल से बाहर निकल रहे बाघ व तेंदुए को रोकने में टाइगर रिजर्व प्रशासन कामयाब होता नहीं दिखाई दे रहा है। बराही रेंज के सीमावर्ती इलाके के नौजल्हा, बूंदीभूड़, गभिया सहराई व महाराजपूर गांव में करीब दो माह से आतंक बरपाए तेंदुए के साथ ही बुधवार रात नौजल्हा जंगल से बाहर निकला बाघ महाराजपुर गांव की आबादी के करीब जा पहुंचा। बाघ ने गांव से गभिया जाने वाले मार्ग पर रह रहे दीपक के घर के बाहर बंधे बैल पर हमला किया और बैल को पास के केले के खेत में खींच ले गया। सुबह खेत पर गए दीपक ने जब बैल के शव को देखा तो इसकी सूचना गांव के लोगों को दे दी। कुछ ग्रामीणों ने एक बाघ को गांव की प्रधान आशा मिस्त्री के घर के पीछे देखे जाने की बात कही। इस पर पूरे गांव में दहशत फैल गई। काफी संख्या में एकत्र होकर लोगों ने उस खेत को चारों ओर से घेर लिया जिस खेत में बाघ होने की बात कही जा रही थी। सूचना पर नौजल्हा वन चौकी के डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार मौके पर पहुंच गए। पगचिह्न देख बाघ होने की पुष्टि हो गई। इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, डब्ल्यूटीआई, आरआरटी की टीम मौके पर पहुंच गईं। अपराह्न चार बजे डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर जरूरी निर्देश दिए। बाघ द्वारा मारे गए मवेशी का केवल खून चूसकर छोड़े जाने के चलते बाघ के वहां दोबारा आने की संभावना पर टीम ने उस क्षेत्र को सुरक्षित किया है। हालांकि पगचिह्न के आधार पर बाघ के पुन: नौजल्हा जंगल की ओर चले जाने की बात भी कही जा रही है। देर शाम एक पिजड़ा भी मौके पर मंगाया गया। डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार ने बताया कि बाघ की लोकेशन के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।